फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Ballia paper leak case: Three journalists released

बलिया पेपर लीक मामला: तीनों पत्रकारों को किया गया रिहा, एक दिन पहले मिली थी जमानत

Tue, 26 Apr 2022 03:06 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Tue, 26 Apr 2022 03:06 PM IST
सार

बलिया पेपर लीक मामला में गिरफ्तार तीनों पत्रकारों को जमानत मिलने के बाद आज जेल से रिहा कर दिया गया है। पत्रकार काफी दिनों से तीनों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। 

विज्ञापन
Ballia paper leak case: Three journalists released
रिहा होने के बाद मीडिया से बात करते पत्रकार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के बलिया जिले में प्रश्न-पत्र लीक मामले में बलिया जिला प्रशासन ने बलिया के तीन पत्रकारों को जेल भेज दिया था। इन तीनों पत्रकारों की एक दिन पूर्व जमानत हो गई थी। आज आजमगढ़ जेल से उन्हें  रिहा कर दिया गया। पत्रकारों का बड़ी संख्या ने उनका स्वागत किया।

विज्ञापन


जेल से बाहर निकलते ही पत्रकारों ने बलिया के डीएम व एसपी पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि बलिया जिला प्रशासन ने अपनी कमियां छिपाने के लिए हम लोगों पर मुकदमा कर जेल में डाल दिया। मीडिया के साथियों का सहयोग रहा और आज हम लोग बाहर आ गए। 28 दिन जेल में कैसे बीते यह हमें और हमारे घर वालों को पता है। रिहा होने के बाद बड़ी संख्या में पत्रकारों ने फूल माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया।
विज्ञापन


पत्रकार बोले प्रशासन की भूमिका संदिग्ध
आजमगढ़ जेल से बाहर निकले तीनों पत्रकार दिग्विजय सिंह, अजीत ओझा व मनोज गुप्ता ने बलिया जिला प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। हम लोगों ने जिला प्रशासन को सूचना दी और जिला प्रशासन ने हम लोगों को ही अपराधी बना दिया। पत्रकारों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के बजाय सूचना देने वाले लोगों को ही आरोपी बना दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पत्रकारों का कहना है कि अधिकारों की बात आएगी तो हम लोग प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया का भी दरवाजा खटखटाएंगे। पत्रकारों का कहना है कि यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले ही बलिया के बाजारों में बोर्ड परीक्षा की कॉपियां और प्रश्न-पत्र बिक रहे थे और यह सूचना सोशल मीडिया में भी वायरल हो रही थी, पर जिले के डीएम और एसपी लगातार अपनी कमियां छिपाते रहे। यही कारण है कि प्रशासन ने पत्रकारों का दमन कर मामले को दबाने का प्रयास किया।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed