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बलिया पर्चा लीक मामला : परीक्षा केंद्र 211, इनमें चार ही सरकारी स्कूल
Sun, 10 Apr 2022 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 10 Apr 2022 06:11 AM IST
सार
इसका सबसे बड़ा उदाहरण है परीक्षा केंद्रों का निर्धारण। जिले के कुल 211 परीक्षा केंद्रों में से सिर्फ चार सरकारी विद्यालय ही केंद्र बनाए गए हैं।
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यूपी बोर्ड पेपर लीक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
इंटरमीडिएट अंग्रेजी परीक्षा का पेपर लीक होने की बड़ी वजह लापरवाही और प्रचलित मानकों की अनदेखी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है परीक्षा केंद्रों का निर्धारण। जिले के कुल 211 परीक्षा केंद्रों में से सिर्फ चार सरकारी विद्यालय ही केंद्र बनाए गए हैं। 70 एडेड व 137 नॉन एडेड विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। तमाम सरकारी विद्यालयों को मानकों में कमी दिखाकर खारिज कर दिया गया।
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असल में जिले में नकल की आधारशिला केंद्र निर्धारण के साथ ही रख दी जाती है। नियमानुसार सबसे पहले विद्यालयों को अपने संसाधनों की जानकारी देनी होती है। निर्धारित केंद्रों का सत्यापन जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करती है। कमियां दिखाकर कुछ केंद्रों को काटकर नए केंद्र निर्धारित किए जाते हैं। इस बार भी 22 के स्थान पर नए केंद्र बनाए।
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जबकि, अधिकांश में मानक के अनुसार संसाधन नहीं हैं। जो केंद्र इस बार पर्चा लीक में आरोपी है, उसे समिति ने ही नया परीक्षा केंद्र निर्धारित किया था। नकल या अन्य मामलों में जिले के करीब आधा दर्जन एडेड विद्यालय आजीवन डिबार हैं।
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