बलिया। एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर रेलवे स्टेशन परिसर में शनिवार को बैठक आयोजित की। इसमें रेलवे में बढ़ रहे निजीकरण, आउटसोर्सिंग एवं रेलकर्मियों के डीए रोकने पर चर्चा की गई।
रेलकर्मियों को संबोधित करते हुए अखिलेश पांडेय ने कहा कि भारत के धरोहर और फायदे में चल रही भारतीय रेलवे के संपूर्ण संसाधनों को केंद्र सरकार साजिश के तहत निजी हाथों में बेचना चाहती है। रेलवे में मिलने वाली सरकारी नौकरियों को पूरी तरह से खत्म कर युवाओं को निजी कंपनियों का गुलाम बनाना चाहती है। कहा कि कोविड-19 महामारी में रेलकर्मियों ने अपनी जान दांव पर लगाकर भारत की जनता की सेवा की है तथा खाद्य पदार्थ और जरूरी सेवाओं को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने का काम भी किया और साथ ही अपने वेतन से अंशदान भी सरकार को दिया गया लेकिन सरकार द्वारा रेल कर्मियों सहित अन्य सरकारी कर्मचारियों को तिरस्कार कर पेंशनभोगियों एवं कर्मियों के डीए पर जुलाई 2021 तक रोक लगा दी गई है। साथ ही कई भत्तों की कटौती कर दी गई है जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संरक्षक सुुुुभाष दूबे ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार श्रम विरोधी नीतियों को अपनाकर श्रमिकों को आर्थिक एवं मानसिक रूप से उनके मनोबल को तोड़ने का कार्य कर रही है। इसे एनई रेलवे मेंस कांग्रेस किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। मनोज कुमार ने कहा कि रेलकर्मियों के रात्रि ड्यूूटी भत्ता पर लगी सीलिंग के आदेश को तत्काल रेल मंत्रालय वापस नहीं लेती है जो एनई रेलवे मेंस कांग्रेस एवं सहयोगी संगठनों द्वारा रेल का चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर विजयनाथ ठाकुर, शिवेंद्र पांडेय, बीवी सिन्हा, मानिकचंद्र यादव, श्रवण यादव, स्वदेशी प्रसाद, अशोक राम, जयनारायण, राजू कुमार, इंद्रजीत, नंदू, निखिल, जितेंद्र यादव, आशीष ओझा, बलराम, लालू यादव, आशुतोष आदि मौजूद रहे। संचालन केपी उपाध्याय ने किया। वहीं, सभी आगंतुकों के प्रति शाखा मंत्री शशिकांत तिवारी ने आभार प्रकट किया।