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अब जिले में नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी
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बलिया। जनपद में कोरोना से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। बुधवार की सुबह जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की मशीन पहुंची। इसके स्थापित हो जाने से जनपद में ऑक्सीजन की जो कमी चल रही है उसकी भरपाई काफी हद हो जाएगी। इस ऑक्सीजन प्लांट से प्रति मिनट 200 लीटर तथा एक घंटे में 12 हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। उम्मीद है कि अगले सप्ताह से जिला अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पादन होने लगेगा। जिसके बाद जिला अस्पताल स्वयं एवं दूसरे अस्पतालों को सप्लाई भी करेगा। अस्पताल प्रशासन की देखरेख में पूरी सुरक्षा के साथ उसे ऑक्सीजन स्टोर कक्ष में क्रेन की सहायता से उतारा गया।
जिला अस्पताल के कोरोना नोडल एवं ईएनटी सर्जन डॉ. मिथलेश सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट मशीन दिल्ली से जिला अस्पताल पहुंच गई है। तीन से चार दिन में इसे इंस्टाल करने के बाद सप्लाई शुरू हो जाएगी। इसके लग जाने के बाद अस्पताल प्रशासन स्वयं की सप्लाई के बाद सभी सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों को ऑक्सीजन दे सकता है। ऑक्सीजन को लेकर जिला अस्पताल पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगा। पहले जिला अस्पताल व सीएचसी, पीएचसी ऑक्सीजन को लेकर मऊ व गोरखपुर पर निर्भर रहते थे। जिला अस्पताल से प्रतिदिन खाली सिलेंडर लेकर वाहन जाता था, पांच से छह घंटे बाद रिफिल कर वापस आता था। इस बीच भर्ती मरीज आक्सीजन के लिए मौत से जंग लड़ते रहते हैं। बताया इस ऑक्सीजन प्लांट से प्रति मिनट 200 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। इस प्रकार यह एक घंटे में 12 हजार लीटर उत्पादन करेगा। इसकी कीमत करीब 44 लाख रुपये बताई जा रही है। इसको स्थापित कर संचालित करने के लिए इंजीनियर की टीम दिल्ली से रवाना हो चुकी है। उम्मीद है अगले सप्ताह तक ऑक्सीजन प्लांट आरंभ हो जाएगा। बताया कि जिला अस्पताल में वर्तमान में प्रतिदिन दो हजार लीटर ऑक्सीजन की खपत हो रही है।
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जिले में हैं 77 आक्सीजन कंसंट्रेटर, 245 छोटा और 20 बड़ा आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध
बलिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार जनपद में 77 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 245 छोटा एवं 20 बड़ा आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। आंकड़े के मुताबिक जिला अस्पताल में 16 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 82 छोटा व दो बड़ा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। जबकि महिला चिकित्सालय में दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 12 छोटा एवं दो बड़ा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। इसी प्रकार एल-2 अस्पताल बसंतपुर में 33 आक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 80 छोटा व 16 बड़ा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। वही एल-2 अस्पताल फेफना में 26 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 12 छोटा सिलेंडर उपलब्ध है। इसके अलावा सीएचसी रसड़ा में छोटा चार सिलेंडर, सीएचसी नगरा में दो, प्राथमिक स्वास्थ्य के नगरा में दो, पीएचसी चिलकहर में तीन, सीएचसी सोनबरसा में चार, सीएससी सीयर में तीन, सीएचसी गड़वार में तीन, सीएचसी दुबहर में तीन सिलेंडर उपलब्ध है। वहीं पीएचसी बघुड़ी में एक, सीएचसी सिकंदरपुर में दो, पीएचसी पंदह में दो, सीएचसी रेवती में चार, पीएचसी बेरूआरबारी में दो, पीएचसी सोनवानी में दो, पीएचसी हनुमानगंज में दो, पीएचसी मुरलीछपरा में तीन, सीएचसी सोनवानी में तीन, पीएचसी मनियर में चार, सीएचसी बांसडीह में तीन, पीएचसी कोटवां में दो, सीएचसी खेजुरी में दो, सीएचसी नरही में तीन छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है।
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जिला अस्पताल के कोरोना नोडल एवं ईएनटी सर्जन डॉ. मिथलेश सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट मशीन दिल्ली से जिला अस्पताल पहुंच गई है। तीन से चार दिन में इसे इंस्टाल करने के बाद सप्लाई शुरू हो जाएगी। इसके लग जाने के बाद अस्पताल प्रशासन स्वयं की सप्लाई के बाद सभी सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों को ऑक्सीजन दे सकता है। ऑक्सीजन को लेकर जिला अस्पताल पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगा। पहले जिला अस्पताल व सीएचसी, पीएचसी ऑक्सीजन को लेकर मऊ व गोरखपुर पर निर्भर रहते थे। जिला अस्पताल से प्रतिदिन खाली सिलेंडर लेकर वाहन जाता था, पांच से छह घंटे बाद रिफिल कर वापस आता था। इस बीच भर्ती मरीज आक्सीजन के लिए मौत से जंग लड़ते रहते हैं। बताया इस ऑक्सीजन प्लांट से प्रति मिनट 200 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। इस प्रकार यह एक घंटे में 12 हजार लीटर उत्पादन करेगा। इसकी कीमत करीब 44 लाख रुपये बताई जा रही है। इसको स्थापित कर संचालित करने के लिए इंजीनियर की टीम दिल्ली से रवाना हो चुकी है। उम्मीद है अगले सप्ताह तक ऑक्सीजन प्लांट आरंभ हो जाएगा। बताया कि जिला अस्पताल में वर्तमान में प्रतिदिन दो हजार लीटर ऑक्सीजन की खपत हो रही है।
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जिले में हैं 77 आक्सीजन कंसंट्रेटर, 245 छोटा और 20 बड़ा आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध
बलिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार जनपद में 77 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 245 छोटा एवं 20 बड़ा आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। आंकड़े के मुताबिक जिला अस्पताल में 16 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 82 छोटा व दो बड़ा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। जबकि महिला चिकित्सालय में दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 12 छोटा एवं दो बड़ा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। इसी प्रकार एल-2 अस्पताल बसंतपुर में 33 आक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 80 छोटा व 16 बड़ा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। वही एल-2 अस्पताल फेफना में 26 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 12 छोटा सिलेंडर उपलब्ध है। इसके अलावा सीएचसी रसड़ा में छोटा चार सिलेंडर, सीएचसी नगरा में दो, प्राथमिक स्वास्थ्य के नगरा में दो, पीएचसी चिलकहर में तीन, सीएचसी सोनबरसा में चार, सीएससी सीयर में तीन, सीएचसी गड़वार में तीन, सीएचसी दुबहर में तीन सिलेंडर उपलब्ध है। वहीं पीएचसी बघुड़ी में एक, सीएचसी सिकंदरपुर में दो, पीएचसी पंदह में दो, सीएचसी रेवती में चार, पीएचसी बेरूआरबारी में दो, पीएचसी सोनवानी में दो, पीएचसी हनुमानगंज में दो, पीएचसी मुरलीछपरा में तीन, सीएचसी सोनवानी में तीन, पीएचसी मनियर में चार, सीएचसी बांसडीह में तीन, पीएचसी कोटवां में दो, सीएचसी खेजुरी में दो, सीएचसी नरही में तीन छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है।
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