फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Bag maker made PPE kit, ordinance factory praised with quality

बैग बनाने वाले व्यवसायी ने बना दी पीपीई किट, गुणवत्ता की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने की तारीफ

Sat, 01 Aug 2020 06:10 PM IST
विचित्र सिंह सुनील कुमार सिंह, बलिया
सुनील कुमार सिंह, बलिया Published by: विचित्र सिंह Updated Sat, 01 Aug 2020 06:10 PM IST
विज्ञापन
Bag maker made PPE kit, ordinance factory praised with quality
बलिया जिले में बनाई गई पीपीई किट। - फोटो : अमर उजाला।

परिस्थितियां हर समय एक सी नहीं होती हैं, लेकिन विपरीत परिस्थितियों को भी जो अनुकूल बना ले, उसे जीवन में कभी हार का सामना नहीं करना पड़ता है। कुछ ऐसे ही हैं बलिया के व्यवसायी सुरेंद्र सिंह छाबड़ा। जब कोरोना संक्रमण को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा हुई और सभी व्यवसाय बंद हुए, तब स्कूल बैग बनाने वाले सुरेंद्र ने अधिकारियों की सलाह पर बलिया जैसे छोटे जिले में पीपीई किट बना डाली। 

विज्ञापन

वह भी तब जब पीपीई किट पूरे विश्व के हौवा बना हुआ था। इसकी मांग इतनी अधिक थी कि संबंधित कंपनियां आपूर्ति नहीं कर पा रही थीं। किट भी ऐसी बनाई जिसने न सिर्फ क्वालिटी को मेंटेन किया, बल्कि केंद्र सरकार व कानपुर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से तारीफ भी पाई। आर्डिनेंस फैक्ट्री ने बलिया की पीपीई किट को अपना यूसीसी (यूनिक सर्टिफिकेट कोड) भी दिया, ताकि यहां तैयार होने वाली पीपीई किट को अन्य जिलों में भी भेजा जा सके। 
विज्ञापन



साथ ही यदि इसे बनाने वाले चाहें तो बाजार में भी बेच सकें। खालास बैग हाउस के सुरेंद्र सिंह छाबड़ा बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के दौर में जब प्रदेश के जिलों को पीपीई किट की कमी से जूझना पड़ रहा था, उस समय जिले में एमबीबीएस के बाद आईएएस बने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अब सीडीओ बलिया डॉ. विपिन जैन संपर्क किया। उन्होंने बताया कि दुनिया में बनने वाले पीपीई किट का अध्ययन करने के बाद उन्होंने एक मानक तैयार किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

उनका सवाल था कि क्या मैं उस मानक के अनुसार पीपीई किट तैयार कर सकता हूं। पहली बार तो उनका सवाल बचकाना लगा कि जिस पीपीई किट की मांग पूरी दुनिया में हो रही है और कंपनियां उनकी आपूर्ति नहीं कर पा रही हैं, मैं कैसे तैयार कर सकता हूं, लेकिन फिर सोचा इस समय सभी काम बंद हैं तो इस प्रयास को कर लेने में क्या बुराई है। मुझे आज खुशी है कि मैं जैन साहब की उम्मीदों पर खरा उतरा।

जो पीपीई किट बनाई वह चिकित्साकर्मियों को संक्रमण से बचाने में पूरी तरह कामयाब रही। उन्होंने बताया कि बाद में कपड़ा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से नई गाइडलाइन जारी हुई। इसके बाद किट को केंद्र सरकार की कानपुर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की लेबोरेटरी में भेजा गया। बेसिक जांच में इसकी गुणवत्ता सही मिलने पर वहां के एडिशनल जनरल मैनेजर ने खुशी जाहिर की। वहां से यूनिक सर्टिफिकेट कोड (यूसीसी) दिया गया।

आधे खर्च में कोरोना योद्धाओं को मिला सुरक्षा कवच

स्थानीय स्तर पर पीपीई किट उपलब्ध होने से एक बड़ा फायदा यह हुआ कि नो प्रॉफिट-नो लॉस के आधार पर अन्य जिले के मुकाबले आधे खर्च में कोरोना योद्धाओं के लिए सुरक्षा कवच मिल गया। पीपीई किट पर अन्य जिलों की अपेक्षा यहां कम खर्च हुआ। जो किट अन्य जिलों में 1200 की पड़ रही थी, यहां 600 में उपलब्ध हो गई।

उद्यम समागम की सोच भी हुई पूरी

वर्ष 2019 में जिले में उद्यम समागम हुआ था और उसमें उद्यमियों को आमंत्रित किया गया था। अपेक्षा थी कि बलिया में भी औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएं और कुछ नया स्टार्टअप हो। कोरोना काल में यह सोच पूरी होती दिखी और स्थानीय स्तर पर बनी पीपीई किट के रूप में यह स्टार्टअप मिला।

दूसरे जिलों को भी देने की क्षमता

सुरेंद्र ने बताया कि जरूरत पड़ने पर वे कभी भी सौ-दो सौ पीपीई किट बनवा सकते हैं। यही नहीं, अगर अन्य जिलों को जरूरत पड़ी तो उन्हें उपलब्ध भी करा सकते हैं। हफ्ते भर का समय मिला तो हजार-डेढ़ हजार किट देने की क्षमता है। मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियों को छोड़ दिया जाए तो प्रदेश का यह पहला जनपद है जहां स्थानीय स्तर पर बेहतर गुणवत्ता का पीपीई किट तैयार किया गया। इसका लाभ ये भी हुआ कि मेरे साथ जुड़े लगभग 25 से 30 परिवारों को भी लॉकडाउन में आर्थिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। उन्हें काम के साथ वेतन भी मिलता रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed