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कोरोना संक्रमित युवक की जागरूकता से हॉट स्पाट बनने से बचा गांव
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प्रवासी श्रमिकों के आगमन और इस दौरान कोरोना संक्रमण पर नकेल लगाने के लिए सरकार लगातार सोशल डिस्टेंसिंग व होम क्वारंटीन की दुहाई दे रही है,लेकिन अधिकांश या तो इसे गंभीरता से नहीं ले रहें या फिर मनमानी करने में तल्लीन है। जिससे लॉकडाउन के दो चरणों में ग्रीन जोन में रहने वाला जिला अब रेड जोन में आ गया है। लेकिन कुछ ऐसे भी जो होम क्वारंटीन का अनुपालन कर न सिर्फ संक्रमण के प्रभाव को क्षीण कर रहें बल्कि उसे सामाजिक तौर फैलने से रोक रहें है। गाजियाबाद से 18 मई को अपने घर आये दो कोरोना पाजिटिव युवक तो महज इसकी बानगी भर है, जिनकी सर्तकता के कारण आज इनका गांव हाट स्पाट में तब्दील होने से बच गया है।
हुआ यूं कि सुख्पुरा थाना क्षेत्र के जीराबस्ती के नोनिया छपरा गांव निवासी दो चचेरे भाई गाजियाबाद में एक साथ रहकर नौकरी करते थे। गांव आने पूर्व उनसे एक को बुखार हो गया। इस बीच उसने एहतियातन कोरोना की जांच के लिए सैंप्लिंग कराया और अपने भाई साथ श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर आ गया। हालांकि सफर के दौरान ही संक्रमण होने की सूचना गाजियाबाद प्रशासन द्वारा दे दी गई।
इसकी जानकारी उन्होंने परिजनों को दी और गांव के बाहर ही आश्रय स्थल बना लिया,ताकि दूसरों को संक्रमण ना हो। एक ने ट्यूबेल तो दूसरे ने बागीचे में डेरा डाल दिया। घर के लोग वहीं उन्हें खाना और आवश्यक वस्तुएं देते रहें। अगले दिन यानि 19 मई को सूचना पर जब जिला प्रशासन उसके घर पहुंचा तो यह देख आश्चर्यचकित हो गया कि संक्रमित और उसका चचेरा भाई आबादी से दूर क्वारंटीन है। संक्रमित को बसंतपुर के एल-1 अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जबकि दूसरा का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
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दोनों की फिर हुई सैंपलिंग
बलिया। बुधवार को जिला सर्विलांस अधिकारी डा0 एके मिश्रा के निर्देशन में वयना प्रा0 स्वा0 केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. विंकटेश प्रसाद के साथ सर्विलांस टीम नोनिया छपरा गांव पहुंचकर गहन स्क्रीनिंग एवं जांच किया। इसके अलावा गांव को पूरी तरह से टीम भेजकर सैनिटराइज कराया गया। साथ ही उसके साथ रह रहे गांव के दोनों युवकों को सैम्पलिंग कराकर जांच के लिए भेज दिया गया है। सर्विलांस टीम में ब्रजेश कुमार पाण्डेय, अखिलेश सिंह, धनेश पाण्डेय, रमाशंकर यादव आदि रहें।
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हुआ यूं कि सुख्पुरा थाना क्षेत्र के जीराबस्ती के नोनिया छपरा गांव निवासी दो चचेरे भाई गाजियाबाद में एक साथ रहकर नौकरी करते थे। गांव आने पूर्व उनसे एक को बुखार हो गया। इस बीच उसने एहतियातन कोरोना की जांच के लिए सैंप्लिंग कराया और अपने भाई साथ श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर आ गया। हालांकि सफर के दौरान ही संक्रमण होने की सूचना गाजियाबाद प्रशासन द्वारा दे दी गई।
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इसकी जानकारी उन्होंने परिजनों को दी और गांव के बाहर ही आश्रय स्थल बना लिया,ताकि दूसरों को संक्रमण ना हो। एक ने ट्यूबेल तो दूसरे ने बागीचे में डेरा डाल दिया। घर के लोग वहीं उन्हें खाना और आवश्यक वस्तुएं देते रहें। अगले दिन यानि 19 मई को सूचना पर जब जिला प्रशासन उसके घर पहुंचा तो यह देख आश्चर्यचकित हो गया कि संक्रमित और उसका चचेरा भाई आबादी से दूर क्वारंटीन है। संक्रमित को बसंतपुर के एल-1 अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जबकि दूसरा का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
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दोनों की फिर हुई सैंपलिंग
बलिया। बुधवार को जिला सर्विलांस अधिकारी डा0 एके मिश्रा के निर्देशन में वयना प्रा0 स्वा0 केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. विंकटेश प्रसाद के साथ सर्विलांस टीम नोनिया छपरा गांव पहुंचकर गहन स्क्रीनिंग एवं जांच किया। इसके अलावा गांव को पूरी तरह से टीम भेजकर सैनिटराइज कराया गया। साथ ही उसके साथ रह रहे गांव के दोनों युवकों को सैम्पलिंग कराकर जांच के लिए भेज दिया गया है। सर्विलांस टीम में ब्रजेश कुमार पाण्डेय, अखिलेश सिंह, धनेश पाण्डेय, रमाशंकर यादव आदि रहें।