{"_id":"eb0ddef81935312ea9f230fa5ac45bc1","slug":"at-stake-will-honor-veterans-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिग्गजों की प्रतिष्ठा रहेगी दांव पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिग्गजों की प्रतिष्ठा रहेगी दांव पर
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Fri, 25 Sep 2015 11:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचायती चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद बड़ी पार्टियां इसमें जीजान से जुट गई हैं। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनाव को पार्टियों के दिग्गज विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देख रहे हैं।
निश्चित ही यह चुनाव विधानसभा की धुंधली तस्वीर साबित होगी। इसको लेकर पार्टियां भी सतर्क हैं। अंदर ही अंदर पार्टियों के बड़े नेता चुनाव अभियान की कमान संभाल लिए हैं। पार्टी समर्थन न मिलने से नाराज लोगों की मान मनौव्वल से लेकर वोटरों की साधने की जुगत में लगे हैं।
जिले में चुनाव पर नजर दौड़ाएं तो अभी यह परंपरागत दौड़ में है। वैसे संभावित दलीय प्रत्याशियों की भागदौड़ एक पखवारे से तेज हो गई है। यह धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ती जा रही है। दलीय समर्थन हथियाने के लिए भावी प्रत्याशी जिला स्तरीय नेताओं और पर्यवेक्षकों की खुशामद करते नहीं अघा रहे हैं।
विज्ञापन
प्रत्याशियों की सबसे अधिक भीड़ भाजपा और सपा खेमे में नजर आ रही है। यहां हर हथकंडा अपना कर पार्टी समर्थित प्रत्याशी बनने की होड़ है। कांग्रेस और बसपा में भी प्रत्याशी लाइन लगाए लोग बैठे हैं, जो समर्थन पाने के बाद प्रचार कार्य में और तेजी आएगी।
जनपद में जिला पंचायत के कुल 59 सीट हैं। इस आधार पर गौर करें तो हर जगह प्रचार-प्रसार का तरीका एक जैसा है। संभावित प्रत्याशी गाड़ियों के काफिले के साथ जब अपने क्षेत्र में दस्तक दे रहे हैं। इस बार चुनाव में युवाओं तथा छात्रसंघ से जुड़े छात्र नेताओं की भरमार है। जातिगत गुणा-गणित भी तेज हो गई है।
विज्ञापन
निश्चित ही यह चुनाव विधानसभा की धुंधली तस्वीर साबित होगी। इसको लेकर पार्टियां भी सतर्क हैं। अंदर ही अंदर पार्टियों के बड़े नेता चुनाव अभियान की कमान संभाल लिए हैं। पार्टी समर्थन न मिलने से नाराज लोगों की मान मनौव्वल से लेकर वोटरों की साधने की जुगत में लगे हैं।
विज्ञापन
जिले में चुनाव पर नजर दौड़ाएं तो अभी यह परंपरागत दौड़ में है। वैसे संभावित दलीय प्रत्याशियों की भागदौड़ एक पखवारे से तेज हो गई है। यह धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ती जा रही है। दलीय समर्थन हथियाने के लिए भावी प्रत्याशी जिला स्तरीय नेताओं और पर्यवेक्षकों की खुशामद करते नहीं अघा रहे हैं।
विज्ञापन
प्रत्याशियों की सबसे अधिक भीड़ भाजपा और सपा खेमे में नजर आ रही है। यहां हर हथकंडा अपना कर पार्टी समर्थित प्रत्याशी बनने की होड़ है। कांग्रेस और बसपा में भी प्रत्याशी लाइन लगाए लोग बैठे हैं, जो समर्थन पाने के बाद प्रचार कार्य में और तेजी आएगी।
जनपद में जिला पंचायत के कुल 59 सीट हैं। इस आधार पर गौर करें तो हर जगह प्रचार-प्रसार का तरीका एक जैसा है। संभावित प्रत्याशी गाड़ियों के काफिले के साथ जब अपने क्षेत्र में दस्तक दे रहे हैं। इस बार चुनाव में युवाओं तथा छात्रसंघ से जुड़े छात्र नेताओं की भरमार है। जातिगत गुणा-गणित भी तेज हो गई है।