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कांस्टेबल समेत दो का शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम

Wed, 28 Sep 2022 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 10:57 PM IST
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As soon as the dead bodies of two including the constable reached the village, there was chaos
गड़वार थाना क्षेत्र के सवन निवासी दो युवकों का शव बुधवार की शाम गांव पहुंचते ही चारों तरफ मातम पसर गया। मंगलवार की देर रात मऊ से बाइक से आते समय रतनपुरा बाजार स्थित फंटाशिया पार्क के पास कार की टक्कर में मौत हो गई। सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया।
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गड़वार थाना क्षेत्र के सवन निवासी चिरंजीवी कुमार (25) उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर सुल्तानपुर जिले में तैनात था। मंगलवार को ड्यूटी के तहत गोरखपुर से डाक देकर लौट रहा था। मऊ उतरने के बाद अपने अजीज मित्र आलोक (22) को बुलाया था। देर शाम दोनों बाइक से मऊ से अपने घर के लिए चले थे। ज्योंही रतनपुरा के पास पहुंचे थे कि पीछे से आ रही बेकाबू कार ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चला रहे सिपाही चिरंजीवी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि घायल उसका मित्र आलोक गंभीर रुप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे सदर अस्पताल मऊ ले जा रहे था कि रास्ते में ही उसने भी दम तोड़ दिया। मंगलवार की रात में ही पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजते हुए परिजनों को सूचना दी थी। जैसे ही उसके गांव पर इसकी सूचना मिली परिवार वालों सहित पूरे गांव में मातम पसर गया। बुधवार की देर शाम शव पहुंचते ही चारो तरफ शोक हो गया।
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और इकलौता मां-बाप का बुझा चिराग
सड़क दुर्घटना में सुल्तानपुर जिले में तैनात कांस्टेबल चिरंजीवी मां-बाप का इकलौता पुत्र था। गांव वालों की मानें तो उसके जिस मित्र की मौत हुई है वह दोनों एक साथ ही हमेशा रहा करते थे। वह जब अवकाश पर आता था पहले मित्र को ही बुलाता था। ऐसे में अब सिपाही की मौत के बाद मां-बाप का इकलौता चिराग बुझ गया है। हालांकि दोनों ही अविवाहित थे।
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तीन बहनों में इकलौता भाई था सिपाही चिरंजीवी
चिरंजीवी तीन बहनों में इकलौता भाई था। बड़ी बहन मुक बधिर था जिसकी शादी हो चुकी है। अब दो बहनों की पूरी जिम्मेदारी भाई पर ही था। अब कैसे होगा बहन का हाथ पीला इसको लेकर भी लोग काफी गमगीन थे।

दोस्ती भी ऐसी कि जान भी साथ ही गई
फिल्मी गीत ये दोस्ती, हम नहीं तोड़ेंगे...भी चरिंजीवी व आलोक के साथ चरितार्थ हुई। दोनों की मित्रता को लेकर गांव में काफी चर्चा है। गांव में दोनों में काफी मित्रता थी और अक्सर एक साथ खाते, बैठते व घूमते फिरते थे। वर्ष 2021 में पुलिस में भर्ती के बाद जब भी चिरंजीवी गांव आता था तो अधिकांश समय मित्र के साथ ही बिताता था।
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