{"_id":"6a4c13627a6672758d0c81c3","slug":"army-personnel-arvind-was-given-a-final-farewell-with-teary-eyes-ballia-news-c-190-1-bal1001-168036-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: सैन्यकर्मी अरविंद को नम आंखों से अंतिम विदाई दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: सैन्यकर्मी अरविंद को नम आंखों से अंतिम विदाई दी
विज्ञापन
भारतीय सेना के राजस्थान स्थित सूरतगढ़ छावनी में जेटीसी कोर में हवलदार के पद पर कार्यरत नगरा थाना
विशुनपुरा। नगरा थाना क्षेत्र के तुर्की दौलतपुर गांव निवासी भारतीय सेना के हवलदार अरविंद कुमार (42) का राजस्थान के सूरतगढ़ सैन्य छावनी में इलाज के दौरान निधन हो गया।
सोमवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही सुबह से ही नगरा-बेल्थरारोड मार्ग पर निछुवाडीह के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र होने लगे। दोपहर में सेना के वाहन से तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचते ही लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद करीब चार किलोमीटर लंबा श्रद्धांजलि जुलूस निकालते हुए पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
वह तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई भी भारतीय सेना में कार्यरत हैं। भाई ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
विज्ञापन
इस दौरान सूबेदार आरपी यादव, सूबेदार खेम राणा, नायक नरेंद्र, सूर्यकुमार कुशवाहा, साहिल चेतरी, नगरा थाने के उपनिरीक्षक प्रभाकर शुक्ला, छट्ठू राम, अरविंद राजभर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही सुबह से ही नगरा-बेल्थरारोड मार्ग पर निछुवाडीह के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र होने लगे। दोपहर में सेना के वाहन से तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचते ही लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद करीब चार किलोमीटर लंबा श्रद्धांजलि जुलूस निकालते हुए पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
विज्ञापन
वह तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई भी भारतीय सेना में कार्यरत हैं। भाई ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
विज्ञापन
इस दौरान सूबेदार आरपी यादव, सूबेदार खेम राणा, नायक नरेंद्र, सूर्यकुमार कुशवाहा, साहिल चेतरी, नगरा थाने के उपनिरीक्षक प्रभाकर शुक्ला, छट्ठू राम, अरविंद राजभर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद रहे।