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अर्जुन देव महाराज को किया नमन
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 22 May 2015 10:32 PM IST
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सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन देव महाराज का शहीदी पर्व गुरुद्वारा सिख संगत की ओर से शुक्रवार को मनाया गया। गुरु दरबार में शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में सुबह में हजूरी रागी जत्था भाई रकम सिंह की ओर से शबद कीर्तन किया गया। इसके बाद सरदार यशवंत सिंह ने गुरु अर्जुन देव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन के अच्छे गुणों को अपनाने को कहा।
सरदार यशवंत सिंह ने कहा कि गुरु जी का जन्म वैशाख शुक्ल पक्ष के 1620 को गोइंद पाल साहेब (पंजाब) में हुआ था। उनका सबसे बड़ा काम आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब) का संपादन था। इस ग्रंथ में औरों के अलावा पहले पांच गुरुओं, हिंदू और मुसलमान भक्तों, संतों और फकीरों की वाणी शामिल की गई है।
मुगल बादशाह जहांगीर की हुकूमत पर इनको गर्म तवे पर बैठाया गया और गर्मागर्म रेत डालकर यातना देते हुए शहीद कर दिया गया। इसी शहीदी को सिख समाज के लोग पूरे भारत में इस पर्व को छविले (कच्ची लस्सी) के रूप में मनाता है। इस पर्व के दिन शहीद पार्क चौक में ठंडे पेय पदार्थ का वितरण किया गया। भारी संख्या में लोगों ने भीषण गर्मी के मौसम के चलते ठंडा पेय पदार्थ ग्रहण किया।
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इस मौके पर सरदार श्रवण सिंह, रवीेंद्र सिंह, अरविंदर सिंह, गुरुवत्स सिंह, नवतेश सिंह, गुरुवचन सिंह, विशाल सिंह, संजय सिंह, जितेंद्र सिंह सहित सैकड़ों लोग उपलब्ध रहे। इसके अलावा चावला सिंथेटिक्स सागर साड़ी हाउस, कलगिदर सेवा सोसाइटी गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की ओर से जगह-जगह कच्ची लस्सी का स्टाल लगाया गया।
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सरदार यशवंत सिंह ने कहा कि गुरु जी का जन्म वैशाख शुक्ल पक्ष के 1620 को गोइंद पाल साहेब (पंजाब) में हुआ था। उनका सबसे बड़ा काम आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब) का संपादन था। इस ग्रंथ में औरों के अलावा पहले पांच गुरुओं, हिंदू और मुसलमान भक्तों, संतों और फकीरों की वाणी शामिल की गई है।
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मुगल बादशाह जहांगीर की हुकूमत पर इनको गर्म तवे पर बैठाया गया और गर्मागर्म रेत डालकर यातना देते हुए शहीद कर दिया गया। इसी शहीदी को सिख समाज के लोग पूरे भारत में इस पर्व को छविले (कच्ची लस्सी) के रूप में मनाता है। इस पर्व के दिन शहीद पार्क चौक में ठंडे पेय पदार्थ का वितरण किया गया। भारी संख्या में लोगों ने भीषण गर्मी के मौसम के चलते ठंडा पेय पदार्थ ग्रहण किया।
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इस मौके पर सरदार श्रवण सिंह, रवीेंद्र सिंह, अरविंदर सिंह, गुरुवत्स सिंह, नवतेश सिंह, गुरुवचन सिंह, विशाल सिंह, संजय सिंह, जितेंद्र सिंह सहित सैकड़ों लोग उपलब्ध रहे। इसके अलावा चावला सिंथेटिक्स सागर साड़ी हाउस, कलगिदर सेवा सोसाइटी गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की ओर से जगह-जगह कच्ची लस्सी का स्टाल लगाया गया।