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Ballia News: पहली जांच में नियुक्ति गलत, चार माह बाद मानदेय भुगतान का आदेश
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बलिया। बांसडीह सीएचसी से संबंधित दो आशा संगिनी की नियुक्ति को पहले गलत बताया गया। अब चार माह बाद उनकी नियुक्ति को सही बताते हुए मानदेय भुगतान के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। इसे मामले में एफआईआर भी दर्ज कराने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि अब विभाग की ओर से नियुक्ति नियम के अनुसार किए जाने की बात कही जा रही।
बांसडीह सीएचसी पर दो आशा संगिनी पूनम वर्मा और अर्पिता सिंह की नियुक्ति व मानदेय भुगतान के मामले में सीएमओ डाॅ. विजयपति द्विवेदी ने आठ मई को सीएचसी प्रभारी को पत्र जारी किया था। कहा था कि दोनों की ओर से तीन अप्रैल को दिए गए पत्र के आधार पर जांच की गई। दोनों गलत ढंग से आशा संगिनी बनना चाहती हैं। जांच में कोई ऐसा तथ्य नहीं मिला कि जिससे इनको उक्त पद पर नियुक्त किया जाए। पूनम वर्मा व अर्पिता सिंह को चेतावनी दी गई थी कि शपथ पत्र प्रस्तुत करें कि पुन: इस प्रकरण को नहीं उठाएंगी। एफआईआर दर्ज कराने की भी चेतावनी दी गई थी। साथ ही कहा गया था कि भविष्य में स्वास्थ्य विभाग में इस पद के लिए इनका आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चार माह बाद सीएमओ डाॅ. विजयपति द्विवेदी ने 28 सितंबर को बांसडीह सीएचसी प्रभारी को फिर पत्र जारी किया है। दोनों आशा संगिनी का बकाया मानदेय जारी करने का निर्देश दिया है। कहा कि आशा संगिनी पूनम वर्मा और अर्पिता सिंह ने सात अगस्त को जांच के नाम पर परेशान करने व मानदेय का भुगतान न होने से हो रही कठिनाइयों से अवगत कराया है। उनकी नियुक्ति चयन प्रक्रिया के अनुसार होने से मानदेय आदि देयकों के भुगतान में कोई विधिक अड़चन नहीं है। इसलिए आठ मई की जांच रिपोर्ट को वापस लेते हुए निर्देशित किया जाता है कि दोनों से आशा संगिनी का कार्य लिया जाए और नियमानुसार मानदेय का भुगतान किया जाए।
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आशा संगिनी की शिकायत पर बांसडीह प्रभारी से जांच कर रिपार्ट मांगी गई थी। उसी आधार पर पहले आदेश दिया गया था। दोबारा शिकायत पर फिर जांच कराने के बाद सीएचसी प्रभारी से जो जांच रिपोर्ट मिली, उसी आधार पर मानदेय भुगतान का निर्देश दिया गया है। एनएचएम के पूर्व डीपीएम के समय का मामला है।
-- डाॅ. विजयपति द्विवेदी, सीएमओ।
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बांसडीह सीएचसी पर दो आशा संगिनी पूनम वर्मा और अर्पिता सिंह की नियुक्ति व मानदेय भुगतान के मामले में सीएमओ डाॅ. विजयपति द्विवेदी ने आठ मई को सीएचसी प्रभारी को पत्र जारी किया था। कहा था कि दोनों की ओर से तीन अप्रैल को दिए गए पत्र के आधार पर जांच की गई। दोनों गलत ढंग से आशा संगिनी बनना चाहती हैं। जांच में कोई ऐसा तथ्य नहीं मिला कि जिससे इनको उक्त पद पर नियुक्त किया जाए। पूनम वर्मा व अर्पिता सिंह को चेतावनी दी गई थी कि शपथ पत्र प्रस्तुत करें कि पुन: इस प्रकरण को नहीं उठाएंगी। एफआईआर दर्ज कराने की भी चेतावनी दी गई थी। साथ ही कहा गया था कि भविष्य में स्वास्थ्य विभाग में इस पद के लिए इनका आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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चार माह बाद सीएमओ डाॅ. विजयपति द्विवेदी ने 28 सितंबर को बांसडीह सीएचसी प्रभारी को फिर पत्र जारी किया है। दोनों आशा संगिनी का बकाया मानदेय जारी करने का निर्देश दिया है। कहा कि आशा संगिनी पूनम वर्मा और अर्पिता सिंह ने सात अगस्त को जांच के नाम पर परेशान करने व मानदेय का भुगतान न होने से हो रही कठिनाइयों से अवगत कराया है। उनकी नियुक्ति चयन प्रक्रिया के अनुसार होने से मानदेय आदि देयकों के भुगतान में कोई विधिक अड़चन नहीं है। इसलिए आठ मई की जांच रिपोर्ट को वापस लेते हुए निर्देशित किया जाता है कि दोनों से आशा संगिनी का कार्य लिया जाए और नियमानुसार मानदेय का भुगतान किया जाए।
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आशा संगिनी की शिकायत पर बांसडीह प्रभारी से जांच कर रिपार्ट मांगी गई थी। उसी आधार पर पहले आदेश दिया गया था। दोबारा शिकायत पर फिर जांच कराने के बाद सीएचसी प्रभारी से जो जांच रिपोर्ट मिली, उसी आधार पर मानदेय भुगतान का निर्देश दिया गया है। एनएचएम के पूर्व डीपीएम के समय का मामला है।