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जर्जर मार्ग के खिलाफ ग्रामीणों में गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
Updated Sun, 27 Nov 2016 12:42 AM IST
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खराब हाल में पहुंची खर्ककार्की जाने वाली सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
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बलिया-बैरिया राष्ट्रीय राजमार्ग के दक्षिण बसे गंगा तटीय आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने शनिवार को हल्दी स्थित हुलासो सती स्थान पर सड़क निर्माण की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बैठक में निर्णय लिया कि यदि एक सप्ताह के अंदर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो जिला पर मार्च करते हुए जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया जायेगा। फिर भी काम नहीं हुआ तो आगामी विस चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।
बता दें कि सात दशक बीत जाने के बाद भी आज तक नेमछपरा , बबुरानी , नवकागांव ,राजपुर एकौना , उदवनछपरा , बजरहा , हंसनगर के ग्रामीणों को मुख्यमार्ग से जुड़ने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है। इसी रास्ते जवहीं दियर, गंगा घाटों पर भी लोग आते-जाते हैं, जिससे बारिश के दिनों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं, बच्चों, ग्रामीणों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं, जनप्रतिनिधि वादा पूरा करो, आदि नारे लिखी तख्ती हाथों में लिए हुए थे।
सभा में वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों को जम कर कोसा और चेताया कि अगर सड़क निर्माण शीघ्र नहीं हुआ तो हम सब शांति पूर्ण ढंग से प्रदर्शन, अनशन, राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम के लिए बाध्य होंगे । इसमें निर्णय लिया गया कि मार्ग निर्माण के दौरान जो भी समस्याएं आएंगी उसे मिल बैठ हल किया जाएगा।
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धरना सभा में संतोष यादव, दिनेश यादव, जनार्दन सिंह, शिवजी सिंह, मनोज राय, अवधेश राय, विमलेश राय, बंटी उपाध्याय, रामजी वर्मा, श्याम नारायण, ओझा, मनोज तिवारी, विक्रम चौबे, नरेंद्र सिंह, रंजन यादव, सीताराम, सैम तिवारी, प्रियंका यादव, चांदमुनी देवी, सुंदरी देवी, बुचिया देवी, तेतरी देवी आदि रहीं।
बता दें कि सात दशक बीत जाने के बाद भी आज तक नेमछपरा , बबुरानी , नवकागांव ,राजपुर एकौना , उदवनछपरा , बजरहा , हंसनगर के ग्रामीणों को मुख्यमार्ग से जुड़ने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है। इसी रास्ते जवहीं दियर, गंगा घाटों पर भी लोग आते-जाते हैं, जिससे बारिश के दिनों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं, बच्चों, ग्रामीणों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं, जनप्रतिनिधि वादा पूरा करो, आदि नारे लिखी तख्ती हाथों में लिए हुए थे।
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सभा में वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों को जम कर कोसा और चेताया कि अगर सड़क निर्माण शीघ्र नहीं हुआ तो हम सब शांति पूर्ण ढंग से प्रदर्शन, अनशन, राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम के लिए बाध्य होंगे । इसमें निर्णय लिया गया कि मार्ग निर्माण के दौरान जो भी समस्याएं आएंगी उसे मिल बैठ हल किया जाएगा।
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धरना सभा में संतोष यादव, दिनेश यादव, जनार्दन सिंह, शिवजी सिंह, मनोज राय, अवधेश राय, विमलेश राय, बंटी उपाध्याय, रामजी वर्मा, श्याम नारायण, ओझा, मनोज तिवारी, विक्रम चौबे, नरेंद्र सिंह, रंजन यादव, सीताराम, सैम तिवारी, प्रियंका यादव, चांदमुनी देवी, सुंदरी देवी, बुचिया देवी, तेतरी देवी आदि रहीं।