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Ballia News: त्योहारों की छटा के बीच शहर की प्रमुख सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें बुझीं
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नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर के समीप बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट।संवाद
बलिया। शहर की सड़कों पर त्योहारों के सीजन में भी अंधेरा पसरा है। नगर पालिका की लापरवाही के कारण शहर की प्रमुख सड़कें आज भी अंधेरे में डूबी हैं। इसके कारण हादसे का भय बना रहता है। ऐसे में शहरों की गलियों की बात कौन करें, प्रमुख मार्गों पर खंभों पर लगी स्ट्रीट लाइटें शो पीस बनी हुई हैं। इससे दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है।
खंभों पर लाइटें हैं लेकिन वह जलती नहीं है। बिजली मरम्मत के नाम पर हर माह करीब तीन से चार लाख खर्च किए जाते है लेकिन लंबे समय से लाइटों के शोपीस बनने से सवालियां निशान खड़ा कर दिया है। एनएच-31 चित्तू पांडेय चौराहे से रेलवे स्टेशन तक आठ पोल पर लगी स्ट्रीट लाइट में केवल मात्र दो ही जलती मिलीं। इसी तरह का हाल एलआईसी मार्ग व स्टेशन शहीद पार्क मुख्य बाजार मार्ग की है। वहीं पुलिस कार्यालय मार्ग पर स्थित आवासीय मार्ग पर भी अंधेरा का साम्राज्य है। महीनों से बुझी पड़ी हैं, न तो बल्ब बदले गए, न ही वायरिंग ठीक हुई। लोगों का कहना हे कि मेन रोड पर भी शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। नवरात्र मेले में महिलाएं और बच्चे अंधेरे में आने-जाने से डरते हैं। कई बार शिकायत के बाद भी नगर पालिका सिर्फ टालमटोल कर रही है।
नगर पालिका परिषद में वार्ड-25
हाईमास्ट-8
सड़कों पर लाइटें-526
वार्ड व सड़कों पर लाइट-3365
हर वार्ड में 25 लाइट की बोर्ड में प्रस्ताव पारित, टेंडर में फंसा पेंच
एक माह पूर्व बोर्ड की बैठक में हर वार्ड में 25 लाइटें लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया लेकिन अभी टेंडर में मामला अटका पड़ा हुआ है। सभासद अमित कुमार दुबे ने बताया कि नगर पालिका परिषद की लापरवाही से अभी तक वार्डों में लाइट नहीं लग सकी है। दशहरा व दीपावली जैसे त्योहार सिर पर है। इसके लिए कई बार पत्राचार किया गया।
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केस-1
हनुमानगढ़ी मंदिर के सामने की लाइट बुझी, श्रद्धालुओं को दिक्कत
शहर के मुख्य बाजार हनुमानगढ़ी मार्ग के सामने स्ट्रीट लाइट बुझी पड़ी है। इससे दुकानदारों के साथ हनुमान मंदिर दर्शन करने आने वाले लोगों को दिक्कत होती है। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि करीब एक माह से लाइट जलती नहीं है। नीचे अंधेरा होने से लोगों को परेशानी होती है। नगर पालिका परिषद के कर्मचारी कई आए और देखकर चले गए।
केस-2 : रेलवे स्टेशन के करीब नहीं जलती लाइटें
शहर के व्यस्तम मार्ग रेलवे स्टेशन के करीब लगी स्ट्रीट लाइट बुझी पड़ी हुई है। स्टेशन के अंदर लगी हाईमास्क लाइट से काफी हद तक रोशनी सड़क तक आ जाती है। जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिल जाती है। इसके बाद सड़क पर अंधेरा ही रहता है। वाहनों की लाइट का ही भरोसा रहता है।
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केस-3 : एलआईसी-मालगोदाम मार्ग पर 8 में से 4 बुझीं
शहर के मंदिरों तक जाने वाले प्रमुख मार्ग एलआईसी-मालगोदाम मार्ग पर लगी आठ में चार स्ट्रीट लाइटें बुझी पड़ी है। इससे मार्ग पर अंधेरा पसरा हुआ है। इस मार्ग से दशहरा के दिन रामलीला मैदान में लगने वाले मेले में हजारों की संख्या में लोग जाएंगे। स्ट्रीट लाइटों के न जाने से मार्ग पर महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस करती है।
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केस-4 : चित्तू पांडेय चौराहे से रेलवे स्टेशन तक आठ में से छह बुझीं
शहर के चित्तू पांडेय चौराहा से रेलवे स्टेशन एनएच-31 पर आठ पोल पर लगे लाइटों में केवल दो ही जलती मिली। दो जलती लाइटों की रोशनी काफी कम हो गई थी। वह सड़क तक नहीं पहुंच पा रही है। इसके चलते कई बार वाहन डिवाइडर पर चढ़ कर हादसे का शिकार हो जा रहे है। इसके बाद भी नगर पालिका उसे ठीक नहीं कर रहा है।
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चित्तू पांडेय चौराहा से रेलवे स्टेशन तक प्रमुख मार्ग है। इस पर व्यापारी गतिविधियों के अलावा यात्रियों का आना-जाना देर रात तक लगा रहता है। इसके बाद भी खंभों पर लगी लाइट बुझी होने से दिक्कत होती है। -सत्येंद्र तिवारी, व्यापारी
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शहर की लाइटें कुछ क्षेत्रों में काफी बेहतर है। प्रमुख बाजारों की लाइटें व्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ हैं। इससे बाजार आने वाली महिलाएं अपने का असुरक्षित महसूस करती हैं। इस पर नपा को ध्यान देना चाहिए।-आदर्श मिश्रा झब्बू, पूर्व सभासद।
वर्जन-- -
शहर की लाइटों को ठीक करने के निर्देश दिए गए है। सर्वे कराकर खराब लाइटों को जल्द दुरुस्त किया जाएगा। वार्डों में नए स्ट्रीट लाइट का प्रस्ताव पारित किया गया है। जल्द से जल्द खरीदारी कर कार्य किया जाएगा।-आशाराम वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट, प्रभारी ईओ नगर पालिका परिषद बलिया।
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खंभों पर लाइटें हैं लेकिन वह जलती नहीं है। बिजली मरम्मत के नाम पर हर माह करीब तीन से चार लाख खर्च किए जाते है लेकिन लंबे समय से लाइटों के शोपीस बनने से सवालियां निशान खड़ा कर दिया है। एनएच-31 चित्तू पांडेय चौराहे से रेलवे स्टेशन तक आठ पोल पर लगी स्ट्रीट लाइट में केवल मात्र दो ही जलती मिलीं। इसी तरह का हाल एलआईसी मार्ग व स्टेशन शहीद पार्क मुख्य बाजार मार्ग की है। वहीं पुलिस कार्यालय मार्ग पर स्थित आवासीय मार्ग पर भी अंधेरा का साम्राज्य है। महीनों से बुझी पड़ी हैं, न तो बल्ब बदले गए, न ही वायरिंग ठीक हुई। लोगों का कहना हे कि मेन रोड पर भी शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। नवरात्र मेले में महिलाएं और बच्चे अंधेरे में आने-जाने से डरते हैं। कई बार शिकायत के बाद भी नगर पालिका सिर्फ टालमटोल कर रही है।
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नगर पालिका परिषद में वार्ड-25
हाईमास्ट-8
सड़कों पर लाइटें-526
वार्ड व सड़कों पर लाइट-3365
हर वार्ड में 25 लाइट की बोर्ड में प्रस्ताव पारित, टेंडर में फंसा पेंच
एक माह पूर्व बोर्ड की बैठक में हर वार्ड में 25 लाइटें लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया लेकिन अभी टेंडर में मामला अटका पड़ा हुआ है। सभासद अमित कुमार दुबे ने बताया कि नगर पालिका परिषद की लापरवाही से अभी तक वार्डों में लाइट नहीं लग सकी है। दशहरा व दीपावली जैसे त्योहार सिर पर है। इसके लिए कई बार पत्राचार किया गया।
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केस-1
हनुमानगढ़ी मंदिर के सामने की लाइट बुझी, श्रद्धालुओं को दिक्कत
शहर के मुख्य बाजार हनुमानगढ़ी मार्ग के सामने स्ट्रीट लाइट बुझी पड़ी है। इससे दुकानदारों के साथ हनुमान मंदिर दर्शन करने आने वाले लोगों को दिक्कत होती है। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि करीब एक माह से लाइट जलती नहीं है। नीचे अंधेरा होने से लोगों को परेशानी होती है। नगर पालिका परिषद के कर्मचारी कई आए और देखकर चले गए।
केस-2 : रेलवे स्टेशन के करीब नहीं जलती लाइटें
शहर के व्यस्तम मार्ग रेलवे स्टेशन के करीब लगी स्ट्रीट लाइट बुझी पड़ी हुई है। स्टेशन के अंदर लगी हाईमास्क लाइट से काफी हद तक रोशनी सड़क तक आ जाती है। जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिल जाती है। इसके बाद सड़क पर अंधेरा ही रहता है। वाहनों की लाइट का ही भरोसा रहता है।
केस-3 : एलआईसी-मालगोदाम मार्ग पर 8 में से 4 बुझीं
शहर के मंदिरों तक जाने वाले प्रमुख मार्ग एलआईसी-मालगोदाम मार्ग पर लगी आठ में चार स्ट्रीट लाइटें बुझी पड़ी है। इससे मार्ग पर अंधेरा पसरा हुआ है। इस मार्ग से दशहरा के दिन रामलीला मैदान में लगने वाले मेले में हजारों की संख्या में लोग जाएंगे। स्ट्रीट लाइटों के न जाने से मार्ग पर महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस करती है।
केस-4 : चित्तू पांडेय चौराहे से रेलवे स्टेशन तक आठ में से छह बुझीं
शहर के चित्तू पांडेय चौराहा से रेलवे स्टेशन एनएच-31 पर आठ पोल पर लगे लाइटों में केवल दो ही जलती मिली। दो जलती लाइटों की रोशनी काफी कम हो गई थी। वह सड़क तक नहीं पहुंच पा रही है। इसके चलते कई बार वाहन डिवाइडर पर चढ़ कर हादसे का शिकार हो जा रहे है। इसके बाद भी नगर पालिका उसे ठीक नहीं कर रहा है।
चित्तू पांडेय चौराहा से रेलवे स्टेशन तक प्रमुख मार्ग है। इस पर व्यापारी गतिविधियों के अलावा यात्रियों का आना-जाना देर रात तक लगा रहता है। इसके बाद भी खंभों पर लगी लाइट बुझी होने से दिक्कत होती है। -सत्येंद्र तिवारी, व्यापारी
शहर की लाइटें कुछ क्षेत्रों में काफी बेहतर है। प्रमुख बाजारों की लाइटें व्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ हैं। इससे बाजार आने वाली महिलाएं अपने का असुरक्षित महसूस करती हैं। इस पर नपा को ध्यान देना चाहिए।-आदर्श मिश्रा झब्बू, पूर्व सभासद।
वर्जन
शहर की लाइटों को ठीक करने के निर्देश दिए गए है। सर्वे कराकर खराब लाइटों को जल्द दुरुस्त किया जाएगा। वार्डों में नए स्ट्रीट लाइट का प्रस्ताव पारित किया गया है। जल्द से जल्द खरीदारी कर कार्य किया जाएगा।-आशाराम वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट, प्रभारी ईओ नगर पालिका परिषद बलिया।

नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर के समीप बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट।संवाद

नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर के समीप बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट।संवाद