{"_id":"6983acd651d63559fe0e0219","slug":"after-a-6-month-delay-vehicles-will-be-able-to-ply-on-the-greenfield-expressway-by-june-ballia-news-c-190-1-bal1002-157126-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: 6 महीने की देरी के बाद जून तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरेंगे वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: 6 महीने की देरी के बाद जून तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरेंगे वाहन
विज्ञापन
बलिया। गाजीपुर के जंगीपुर से बिहार के मांझी तक निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को जून तक तैयार होने की उम्मीद है। इसको लेकर एनएचआई ने कार्य तेज करने का निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिए है।
ग्रीन फील्ड तैयार करने का लक्ष्य दिसंबर 2025 निर्धारित था लेकिन बाढ़ व बारिश के कारण कार्य में काफी रुकावट आई। एनएचआई के अधिकारी जून तक वाहनों के परिचालन को लेकर काफी गंभीर हो गए हैं। बलिया की जनता को ग्रीनफील्ड चालू होने का काफी बेसब्री से इंतजार है। कारण कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए बलिया के लोगों को कम से कम 50 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसके चालू होने से लखनऊ व दिल्ली की राह आसान हो जाएगी।
गाजीपुर से मांझी तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह 132 किमी लंबा फोर-लेन एक्सप्रेसवे गाजीपुर के जंगीपुर से शुरू होकर बलिया के मांझी घाट तक जाएगा और बक्सर के लिए एक अतिरिक्त 17 किमी का रास्ता भी जोड़ेगा। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। ऐसे में गंगा नदी में कई बार आने से कार्य में बाधा पहुंची थी। बक्सर से बनने वाला ग्रीन फील्ड हैदरिया के पूर्वांचल तक पहुंचाने की राह आसान हो जाएगी।
विज्ञापन
इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के बनने के बाद न सिर्फ गाजीपुर, बलिया, मऊ, सिवान, बक्सर, पटना के अलावा दूरस्थ के लोगों को दिल्ली-कोलकाता जाने में सुविधा होगी। एक सौ किमी की रफ्तार से ही गाड़ी दौड़ाई जा सकेगी। एनएचआई के परियोजना निदेशक पीयूष अग्रवाल ने बताया कि जून तक ग्रीन एक्सप्रेस को चालू करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कार्य में तेजी लाने का निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिया गया है।
-- -- -
5500 करोड़ से हो रहा तैयार : गाजीपुर के जंगीपुर (पूर्वांचल एक्सप्रेसवे) से बिहार के मांझी तक बन रहा 132 किमी लंबा 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, यूपी-बिहार के बीच सीधा हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह परियोजना 5500 करोड़ से अधिक की लागत से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्मित की जा रही है।
-- --
चार चरण में हो रहा निर्माण
-हृदयपुर से शाहपुर – 42.5 किलोमीटर
-शाहपुर से पिंडारी – 35.65 किलोमीटर
-पिंडारी से रिवीलगंज बायपास एप्रोच – 38.97 किलोमीटर
बक्सर स्पर – 17.27 किलोमीटर
-- --
कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव, जाम से निजात
नए हाइवे से न सिर्फ भरौली गोलंबर का जाम खत्म होगा। इस हाइवे के खुलने से दिल्ली, लखनऊ और मुंबई से आने वालीं ट्रेनें सीधे बलिया और बिहार की तरफ बिना रुके बढ़ सकेंगी। इससे न सिर्फ आम यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि मालवाहन ट्रकों के परिचालन में भी तेजी आएगी। यह दिल्ली से बिहार तक की राह को आसान बनाएगा। जाम रहित यात्रा से लोगों को रोड ट्रिप का सुखद अहसास भी मिलेगा।
विज्ञापन
ग्रीन फील्ड तैयार करने का लक्ष्य दिसंबर 2025 निर्धारित था लेकिन बाढ़ व बारिश के कारण कार्य में काफी रुकावट आई। एनएचआई के अधिकारी जून तक वाहनों के परिचालन को लेकर काफी गंभीर हो गए हैं। बलिया की जनता को ग्रीनफील्ड चालू होने का काफी बेसब्री से इंतजार है। कारण कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए बलिया के लोगों को कम से कम 50 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसके चालू होने से लखनऊ व दिल्ली की राह आसान हो जाएगी।
विज्ञापन
गाजीपुर से मांझी तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह 132 किमी लंबा फोर-लेन एक्सप्रेसवे गाजीपुर के जंगीपुर से शुरू होकर बलिया के मांझी घाट तक जाएगा और बक्सर के लिए एक अतिरिक्त 17 किमी का रास्ता भी जोड़ेगा। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। ऐसे में गंगा नदी में कई बार आने से कार्य में बाधा पहुंची थी। बक्सर से बनने वाला ग्रीन फील्ड हैदरिया के पूर्वांचल तक पहुंचाने की राह आसान हो जाएगी।
विज्ञापन
इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के बनने के बाद न सिर्फ गाजीपुर, बलिया, मऊ, सिवान, बक्सर, पटना के अलावा दूरस्थ के लोगों को दिल्ली-कोलकाता जाने में सुविधा होगी। एक सौ किमी की रफ्तार से ही गाड़ी दौड़ाई जा सकेगी। एनएचआई के परियोजना निदेशक पीयूष अग्रवाल ने बताया कि जून तक ग्रीन एक्सप्रेस को चालू करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कार्य में तेजी लाने का निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिया गया है।
5500 करोड़ से हो रहा तैयार : गाजीपुर के जंगीपुर (पूर्वांचल एक्सप्रेसवे) से बिहार के मांझी तक बन रहा 132 किमी लंबा 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, यूपी-बिहार के बीच सीधा हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह परियोजना 5500 करोड़ से अधिक की लागत से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्मित की जा रही है।
चार चरण में हो रहा निर्माण
-हृदयपुर से शाहपुर – 42.5 किलोमीटर
-शाहपुर से पिंडारी – 35.65 किलोमीटर
-पिंडारी से रिवीलगंज बायपास एप्रोच – 38.97 किलोमीटर
बक्सर स्पर – 17.27 किलोमीटर
कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव, जाम से निजात
नए हाइवे से न सिर्फ भरौली गोलंबर का जाम खत्म होगा। इस हाइवे के खुलने से दिल्ली, लखनऊ और मुंबई से आने वालीं ट्रेनें सीधे बलिया और बिहार की तरफ बिना रुके बढ़ सकेंगी। इससे न सिर्फ आम यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि मालवाहन ट्रकों के परिचालन में भी तेजी आएगी। यह दिल्ली से बिहार तक की राह को आसान बनाएगा। जाम रहित यात्रा से लोगों को रोड ट्रिप का सुखद अहसास भी मिलेगा।