{"_id":"667c9e9d5e7dde10d90f2bb4","slug":"action-will-be-taken-against-the-doctor-for-prescribing-outside-medicines-and-tests-ballia-news-c-190-1-ana1001-118102-2024-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: बाहर की दवा और जांच लिखने पर चिकित्सक पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: बाहर की दवा और जांच लिखने पर चिकित्सक पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
बलिया। बाहर की दवा और जांच लिखने वाले जिला अस्पताल के चिकित्सकों के प्रति विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएमओ डॉ. विजयपति द्विवेदी ने तीन व्हाट्सएप और मोबाइल फोन नंबर अस्पताल परिसर में चस्पा करवाए हैं। मरीज या तीमारदार उक्त नंबर पर इसकी शिकायत कर सकता है।
शिकायत की सीएमओ स्वयं अपने स्तर से जांच करेंगे। मरीज के लिए लिखी गई दवा जीवनरक्षक है या कमीशन के चक्कर में बाहर की दवा लिखी गई है। अगर दवा जीवन रक्षक नहीं हुई तो बाहर की दवा लिखने वाले डाॅक्टर से मरीज को दवा के पैसे का भुगतान कराया जाएगा। तीनों नंबर इमरजेंसी से लेकर सभी सार्वजनिक स्थान पर चस्पा किए गए हैं।
अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए डाॅ. अभिषेक मिश्रा का 9170000085, मुरली श्रीवास्तव 9450488595 व शैलेंद्र पांडेय का मोबाइल नंबर 8299589591 कागज पर चस्पा करवाया गया है। सीएमओ डाॅ. विजयपति द्विवेदी ने कहा कि सरकारी अस्पताल का डाॅक्टर बाहर की दवा व जांच लिखता है तो मरीज या तीमारदार दिए गए किसी भी नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज करवा सकता है। डाॅक्टर पर जांच के बाद कार्रवाई होगी। अगर जरूरी हुआ तो मरीज को दवा का पैसा डाॅक्टर वापस करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिकायत की सीएमओ स्वयं अपने स्तर से जांच करेंगे। मरीज के लिए लिखी गई दवा जीवनरक्षक है या कमीशन के चक्कर में बाहर की दवा लिखी गई है। अगर दवा जीवन रक्षक नहीं हुई तो बाहर की दवा लिखने वाले डाॅक्टर से मरीज को दवा के पैसे का भुगतान कराया जाएगा। तीनों नंबर इमरजेंसी से लेकर सभी सार्वजनिक स्थान पर चस्पा किए गए हैं।
विज्ञापन
अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए डाॅ. अभिषेक मिश्रा का 9170000085, मुरली श्रीवास्तव 9450488595 व शैलेंद्र पांडेय का मोबाइल नंबर 8299589591 कागज पर चस्पा करवाया गया है। सीएमओ डाॅ. विजयपति द्विवेदी ने कहा कि सरकारी अस्पताल का डाॅक्टर बाहर की दवा व जांच लिखता है तो मरीज या तीमारदार दिए गए किसी भी नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज करवा सकता है। डाॅक्टर पर जांच के बाद कार्रवाई होगी। अगर जरूरी हुआ तो मरीज को दवा का पैसा डाॅक्टर वापस करेंगे।
विज्ञापन