{"_id":"5e0791d08ebc3e882254c43d","slug":"accused-of-damaged-idols-arrested-ballia-news-vns5021994192","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो माह पहले भी मंदिर में हुई थी तोड़फोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो माह पहले भी मंदिर में हुई थी तोड़फोड़
विज्ञापन
बलिया। नरही थाना के कोटवां स्थित गंगा के नागा बाबा घाट पर स्थित मंदिर में गुरुवार की रात असामाजिक तत्वों की ओर से मूर्तियोें को क्षतिग्रस्त करने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले अराजक तत्वों ने मंदिर में तोड़फोड़ की थी। अगर उस वक्त पुलिस सख्त कार्रवाई की होती तो यह घटना नहीं होती। मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने के मामले में कोरंटाडीह चौकी इंचार्ज रविंद्र पांउ्रेय ने शनिवार को उजियार घाट तिराहे से एक आरोपी अजय कुमार राम पुत्र राजनरायण राम निवासी सिकंदरपुर, थाना नरही को गिरफ्तार कर लिया।
कोटवां नारायणपुर गांव के गंगा के नागा बाबा के घाट पर राधा-कृष्ण मंदिर है। इसमें राधा-कृष्ण के अलावा भगवान कार्तिकेय और नंदी समेत अन्य देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। गुरुवार की रात अराजक तत्वों ने मंदिर के दरवाजा से लेकर मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। शुक्रवार की सुबह जब पुजारी मंदिर धोने पहुंचे क्षतिग्रस्त मूर्तियों को देख पुलिस को सूचना दी थी। बाद में चौकी इंचार्ज व एसएचओ नरहीं पहुंचे थे जिन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। मंदिर के पुजारी शशिधर पांडेय ने बताया कि दो माह पहले मंदिर में अराजकतत्वों ने तोड़फोड़ की थी। चौकी प्रभारी ने आरोपी को पकड़ा और उससे मंदिर की मरम्मत करवाकर छोड़ दिया था। अगर सख्त कार्रवाई की गई होती तो दूसरी बार मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने की घटना नहीं होती।
उल्लेखनीय है कि राधाकृष्ण मंदिर में हुई तोड़फोड़ को जिस तरह पुलिस ने हल्के में लिया वह भारी भी पड़ सकता था। संयोग रहा कि नारायनपुर गांव के कई बुद्धिजीवी पहुंच गए और पुलिस पर आरोपी को पकड़ने का दबाव बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोटवां नारायणपुर गांव के गंगा के नागा बाबा के घाट पर राधा-कृष्ण मंदिर है। इसमें राधा-कृष्ण के अलावा भगवान कार्तिकेय और नंदी समेत अन्य देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। गुरुवार की रात अराजक तत्वों ने मंदिर के दरवाजा से लेकर मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। शुक्रवार की सुबह जब पुजारी मंदिर धोने पहुंचे क्षतिग्रस्त मूर्तियों को देख पुलिस को सूचना दी थी। बाद में चौकी इंचार्ज व एसएचओ नरहीं पहुंचे थे जिन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। मंदिर के पुजारी शशिधर पांडेय ने बताया कि दो माह पहले मंदिर में अराजकतत्वों ने तोड़फोड़ की थी। चौकी प्रभारी ने आरोपी को पकड़ा और उससे मंदिर की मरम्मत करवाकर छोड़ दिया था। अगर सख्त कार्रवाई की गई होती तो दूसरी बार मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने की घटना नहीं होती।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि राधाकृष्ण मंदिर में हुई तोड़फोड़ को जिस तरह पुलिस ने हल्के में लिया वह भारी भी पड़ सकता था। संयोग रहा कि नारायनपुर गांव के कई बुद्धिजीवी पहुंच गए और पुलिस पर आरोपी को पकड़ने का दबाव बनाया।
विज्ञापन