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Ballia News: रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी का आरोपी गिरफ्तार
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बलिया। रेलवे के एडीआरएम और इंजीनियर के नाम पर वाराणसी के सिगरा थाने पर तैनात उपनिरीक्षक के पुत्र से नौकरी दिलाने के लिए 10 लाख व प्रयागराज निवासी एक व्यक्ति से ठेका दिलाने के लिए 1.5 लाख की ठगी करने के आरोपी राजीव रंजन मिश्र निवासी कपसिया रोहतास बिहार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी भाई हैं। नौकरी देने के नाम पर ठगी करने का गिरोह चलाते हैं।
वाराणसी के सिगरा थाने पर तैनात उपनिरीक्षक इंद्रकांत मिश्रा ने तहरीर में कहा था कि थाना कैंट पर तैनाती के दौरान रेलवे स्टेशन पर राजीव रंजन मिश्र से मुलाकात हुई थी। खुद को सीनियर सेक्शन इंजीनियर मुगलसराय बताते हुए उसने कहा था कि खुद के लिए आवास खोज रहा हूं। इसके बाद वह मेरे कमरे में साथ रहने लगा। राजीव रंजन ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर अपने भाई आशुतोष मिश्रा को लोको पायलट बताते हुए मुलाकात करवाई। राजीव ने पुत्र को नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन जुलाई को दस लाख रुपये ले लिए। कुछ दिन बाद ट्रांसफर होने की बात कह कर गायब हो गया। बाद में फोन करने पर धमकी देने लगा। पता चला कि राजीव रेलवे विभाग में नौकरी नहीं करता है। अपने भाई के साथ मिलकर रेलवे में फर्जी नियुक्ति के नाम पर लोगों को ठगता है।
दूसरी तरफ प्रयागराज सारंगपुर निवासी प्रभाकर तिवारी ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि एक शादी समारोह में राजीव रंजन मिश्रा निवासी कपसिया बिहार मिला था। उसने खुद को एडीआरएम मुगलसराय बताया था। भाई आशुतोष मिश्रा को रेलवे में ड्राइवर बताया था। रेलवे में स्क्रैप का ठेका दिलवाने का झांसा देकर 26 दिसंबर को 1.5 लाख रुपये ठग लिए थे। कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी भाइयों पर मुकदमा दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया गया है, दूसरे की तलाश की जा रही है।
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वाराणसी के सिगरा थाने पर तैनात उपनिरीक्षक इंद्रकांत मिश्रा ने तहरीर में कहा था कि थाना कैंट पर तैनाती के दौरान रेलवे स्टेशन पर राजीव रंजन मिश्र से मुलाकात हुई थी। खुद को सीनियर सेक्शन इंजीनियर मुगलसराय बताते हुए उसने कहा था कि खुद के लिए आवास खोज रहा हूं। इसके बाद वह मेरे कमरे में साथ रहने लगा। राजीव रंजन ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर अपने भाई आशुतोष मिश्रा को लोको पायलट बताते हुए मुलाकात करवाई। राजीव ने पुत्र को नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन जुलाई को दस लाख रुपये ले लिए। कुछ दिन बाद ट्रांसफर होने की बात कह कर गायब हो गया। बाद में फोन करने पर धमकी देने लगा। पता चला कि राजीव रेलवे विभाग में नौकरी नहीं करता है। अपने भाई के साथ मिलकर रेलवे में फर्जी नियुक्ति के नाम पर लोगों को ठगता है।
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दूसरी तरफ प्रयागराज सारंगपुर निवासी प्रभाकर तिवारी ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि एक शादी समारोह में राजीव रंजन मिश्रा निवासी कपसिया बिहार मिला था। उसने खुद को एडीआरएम मुगलसराय बताया था। भाई आशुतोष मिश्रा को रेलवे में ड्राइवर बताया था। रेलवे में स्क्रैप का ठेका दिलवाने का झांसा देकर 26 दिसंबर को 1.5 लाख रुपये ठग लिए थे। कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी भाइयों पर मुकदमा दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया गया है, दूसरे की तलाश की जा रही है।
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