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दूसरे दिन भी पटाखा कारोबारियों में दहशत
Ballia
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
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बलिया। नगर के रामलीला मैदान में पटाखा कारोबारियों के साथ मारपीट की घटना के दूसरे दिन भी दहशत व्याप्त रहा। सोमवार से लेकर मंगलवार तक अधिकारियों के नाम पर जहां-तहां पटाखे की वसूली की जाती रही। देर शाम तक दुकानदार जैसे-तैसे अपने पटाखों की बिक्री करने जुटे हुए थे।
नगर के रामलीला मैदान में पटाखे की दुकानों के लिए 60 दुकानों को जिला प्रशासन की ओर से लाइसेंस दिया गया है। पटाखे की दुकानों के संचालन के लिए प्रशासन ने भले ही मानक तय किए हों, लेकिन दुकानदारों से अवैध वसूली के लिए चुनिंदे पुलिस कर्मियों द्वारा पूजा-पाठ की व्यवस्था पहले से बनी हुई है। पुलिस प्रशासन का काम बन गया तो सब कुछ ठीक-ठाक है।
जिससे रोषजदा कोरोबारियों ने पटाखा बाजार को कुछ घंटे के लिए बंद कर दिया था। बाद में मौके पर पहुंचे कोतवाल ने किसी तरह दुकानदारों को दुकान खोलने को कहा। दुकानदारों का कहना है कि प्रतिवर्ष पटाखा बिकता रहा है। कहते हैं कि उनके साथ अन्याय होने पर आखिर वह किससे शिकायत करें। सोमवार को ग्राउंड में जो कुछ भी हुआ वह सब आला अफसरों के कानों तक भी पहुंचा।
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नगर के रामलीला मैदान में पटाखे की दुकानों के लिए 60 दुकानों को जिला प्रशासन की ओर से लाइसेंस दिया गया है। पटाखे की दुकानों के संचालन के लिए प्रशासन ने भले ही मानक तय किए हों, लेकिन दुकानदारों से अवैध वसूली के लिए चुनिंदे पुलिस कर्मियों द्वारा पूजा-पाठ की व्यवस्था पहले से बनी हुई है। पुलिस प्रशासन का काम बन गया तो सब कुछ ठीक-ठाक है।
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जिससे रोषजदा कोरोबारियों ने पटाखा बाजार को कुछ घंटे के लिए बंद कर दिया था। बाद में मौके पर पहुंचे कोतवाल ने किसी तरह दुकानदारों को दुकान खोलने को कहा। दुकानदारों का कहना है कि प्रतिवर्ष पटाखा बिकता रहा है। कहते हैं कि उनके साथ अन्याय होने पर आखिर वह किससे शिकायत करें। सोमवार को ग्राउंड में जो कुछ भी हुआ वह सब आला अफसरों के कानों तक भी पहुंचा।
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