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मार्क्स-लेनिन की जयंती धूमधाम से मनी
Ballia
Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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बलिया। स्थानीय कोआपरेटिव हाल में वामपंथी संगठन, किसान फ्रंट, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, भाकपा माले व अन्य वामपंथी विचार के लोगों ने एकमंच पर मार्क्स आैर लेनिन की जयंती धूमधाम के साथ मनाई। नगर के सहकारिता भवन पर आयोजित गोष्ठी में क्रांतिकारी गीत के साथ वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत कर मार्क्स लेनिन के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए किसान फ्रंट के कामरेड जनार्दन सिंह ने कहा कि मनुष्य जाति की युगों-युगों से अभिलाषा रही है कि उसका कोई शोषण न करे। उसे पीड़ा न पहुंचाए। चाहे वह मनुष्य, देवता या फिर प्रकृति क्यों न हो। इसी शोषण विहीन मानव समाज को स्थापित करने के तरीके मार्क्स व लेनिन ने बताए। उन सिद्धांतों के अनुसार मानव द्वारा मानव के एवं एक राष्ट्र द्वारा दूसरे राष्ट्र के शोषण को समाप्त करके राष्ट्र, जनवादी एवं समाजवादी समाजों की स्थापना हमारे इतिहास में दर्ज है। उन्होंने मार्क्स लेनिन के जीवन परिचय मार्क्सवाद, लेनिनवाद तथा मौजूदा समय में मार्क्सवाद, लेनिनवाद की प्रासंगिकता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रवादी, जनवादी तथा प्रगतिशील विचार रखने वाले, सोचने वाले लोगों से अपील की कि मुद्दों के आधार पर ही वर्ग संघर्ष एवं आंदोलनों को तेज करके वाम एकता की स्थापना की जा सकती है।
पूंजीवादी व्यवस्था को आघात पहुंचाकर इसे जड़ से समाज करने की दिशा में पहल करने की जरूरत है। इस मौके पर कामरेड रामकृष्ण यादव, सत्य नारायन, लक्ष्मण यादव, शिवाजी, रमेश कुमार सिंह, शैलेंद्र, रवींद्र सिंह, बलवंत यादव, सुरेश चौधरी, लालू तिवारी, अवधेश सिंह, तेज नारायन सिंह सहित तमाम वामपंथी विचारकों ने अपने विचार रखे। इसके साथ ही तारकेश्वर पासवान, मुनीब यादव, वीरेंद्र आदि साथियों ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। महिला संगठनों की ओर से संगीता शर्मा व विद्यावती देवी ने भी आधी आबादी, आधा आकाश नामक जनवादी गीत प्रस्तुत किया।
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गोष्ठी को संबोधित करते हुए किसान फ्रंट के कामरेड जनार्दन सिंह ने कहा कि मनुष्य जाति की युगों-युगों से अभिलाषा रही है कि उसका कोई शोषण न करे। उसे पीड़ा न पहुंचाए। चाहे वह मनुष्य, देवता या फिर प्रकृति क्यों न हो। इसी शोषण विहीन मानव समाज को स्थापित करने के तरीके मार्क्स व लेनिन ने बताए। उन सिद्धांतों के अनुसार मानव द्वारा मानव के एवं एक राष्ट्र द्वारा दूसरे राष्ट्र के शोषण को समाप्त करके राष्ट्र, जनवादी एवं समाजवादी समाजों की स्थापना हमारे इतिहास में दर्ज है। उन्होंने मार्क्स लेनिन के जीवन परिचय मार्क्सवाद, लेनिनवाद तथा मौजूदा समय में मार्क्सवाद, लेनिनवाद की प्रासंगिकता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रवादी, जनवादी तथा प्रगतिशील विचार रखने वाले, सोचने वाले लोगों से अपील की कि मुद्दों के आधार पर ही वर्ग संघर्ष एवं आंदोलनों को तेज करके वाम एकता की स्थापना की जा सकती है।
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पूंजीवादी व्यवस्था को आघात पहुंचाकर इसे जड़ से समाज करने की दिशा में पहल करने की जरूरत है। इस मौके पर कामरेड रामकृष्ण यादव, सत्य नारायन, लक्ष्मण यादव, शिवाजी, रमेश कुमार सिंह, शैलेंद्र, रवींद्र सिंह, बलवंत यादव, सुरेश चौधरी, लालू तिवारी, अवधेश सिंह, तेज नारायन सिंह सहित तमाम वामपंथी विचारकों ने अपने विचार रखे। इसके साथ ही तारकेश्वर पासवान, मुनीब यादव, वीरेंद्र आदि साथियों ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। महिला संगठनों की ओर से संगीता शर्मा व विद्यावती देवी ने भी आधी आबादी, आधा आकाश नामक जनवादी गीत प्रस्तुत किया।
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