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स्नान करते समय घाघरा में डूबा किशोर
Ballia
Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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सुरेमनपुर। रेवती थाना क्षेत्र के दतहा ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय आसमानपुर के सामने घाघरा नदी में मंगलवार को स्नान करते समय किशोर डूब गया। वह बिहार के गल्हुआ गांव का रहने वाला था। बीते कई वर्षों से वह अपनी दादी के मायके दतहा निवासी रूदल चौधरी के घर रहता था। मंगलवार की शाम छह बजे उसके डूबने की खबर जब घर पहुंची तो कोहराम मच गया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घाघरा नदी में उसकी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। दूसरे दिन बुधवार को भी उसकी तलाश जारी रही।
क्षेत्र के दतहा निवासी रुदल चौधरी के घर बिहार गल्हुआ निवासी बृकेश (12) पुत्र रामनाथ यादव रहता था। बृकेश अपनी दादी दिलबसिया के मायके में पांच सालों से रह रहा था। मंगलवार की शाम छह बजे वह गांव के कुछ लड़कों के साथ प्राथमिक विद्यालय आसमानपुर के सामने स्थित घाघरा नदी में स्नान करने गया था। सभी स्नान कर रहे थे इसी बीच बृकेश डूबने लगा। उस समय गांव की कुछ महिलाएं वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद ककन छुड़ाने गई थीं। जब उन लोगों ने बृकेश को डूबते देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। महिलाआें की शोर सुनकर मौके पर जुटे ग्रामीणों ने घाघरा नदी में घुसकर बृकेश की तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। बुधवार को थानाध्यक्ष रेवती के आसपास के मछुआरों को बुलाकर उसकी खोजबीन की गई।
उधर घाघरा नदी से बृकेश के निकलने के इंतजार में बाबा खलीफा यादव और उसकी दादी दिलबसिया दतहा स्थित बंधे पर आंखें गड़ाए बैठे हैं। बृकेश दो भाइयों में छोटा था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वह डूब गया होगा तो 24 घंटे के घाघरा नदी के ऊपर उसका शव आ जाएगा। इसके पहले भी ऐसा कई बार हुआ है।
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क्षेत्र के दतहा निवासी रुदल चौधरी के घर बिहार गल्हुआ निवासी बृकेश (12) पुत्र रामनाथ यादव रहता था। बृकेश अपनी दादी दिलबसिया के मायके में पांच सालों से रह रहा था। मंगलवार की शाम छह बजे वह गांव के कुछ लड़कों के साथ प्राथमिक विद्यालय आसमानपुर के सामने स्थित घाघरा नदी में स्नान करने गया था। सभी स्नान कर रहे थे इसी बीच बृकेश डूबने लगा। उस समय गांव की कुछ महिलाएं वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद ककन छुड़ाने गई थीं। जब उन लोगों ने बृकेश को डूबते देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। महिलाआें की शोर सुनकर मौके पर जुटे ग्रामीणों ने घाघरा नदी में घुसकर बृकेश की तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। बुधवार को थानाध्यक्ष रेवती के आसपास के मछुआरों को बुलाकर उसकी खोजबीन की गई।
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उधर घाघरा नदी से बृकेश के निकलने के इंतजार में बाबा खलीफा यादव और उसकी दादी दिलबसिया दतहा स्थित बंधे पर आंखें गड़ाए बैठे हैं। बृकेश दो भाइयों में छोटा था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वह डूब गया होगा तो 24 घंटे के घाघरा नदी के ऊपर उसका शव आ जाएगा। इसके पहले भी ऐसा कई बार हुआ है।
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