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गरीबों के निवाले पर डाल रहे डाका
Ballia
Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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नगरा। सालों से गरीबों के निवाले पर डाका डाला जा रहा है और महकमे को इसकी भनक तक नहीं है। विभागीय अफसरों की उदासीनता से गरीबों का निवाला कालाबाजार में बेचा जा रहा है। सबकुछ जानते हुए अफसर इससे पल्ला झाड़ रहे हैं। यही नहीं ब्लाक की सूची को सही मानें तो कार्डों की संख्या में काफी अंतर है। कई ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने इसकी शिकायत भी की है। लेकिन अफसरों पर इसका असर होते नहीं दिख रहा है।
विकास खंड नगरा जिले का सबसे बड़ा ब्लाक है। इसमें 81 ग्राम पंचायतें हैं। प्रभारी बीडीओ रमाकांत राम के मुताबिक विकास खंड में 32683 कुनबे निवास करते हैं। विकास खंड में 57184 राशन कार्डधारक हैं। जिसमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले 13184 बीपीएल राशन कार्डधारक भी हैं। इस ब्लाक में 121 कोटे की दुकानें हैं। मजे की बात यह है कि परिवारों की संख्या का दोगुना राशनकार्ड होने के बावजूद सैकड़ों गरीब उपेक्षित हो इधर-उधर भटक रहे हैं।
नगरा विकास खंड रसड़ा व बिल्थरारोड तहसील क्षेत्र में पड़ता है। इसका सर्वाधिक हिस्सा बिल्थरारोड में है। विकास खंड के बीपीएल परिवारों के लिए विपणन गोदाम नगरा पर प्रतिमाह सात हजार 560 कुंतल खाद्यान्न आता है। जिसमें अंत्योदय का गेंहू 768.30 कुंतल तथा चावल 1900.75 कुंतल मिलता है। बीपीएल कार्ड के लिए 4900 कुंतल आता है। 13184 बीपीएल परिवारों को प्रति माह 35 किग्रा खाद्यान्न, 15 किग्रा गेहूं व 20 किग्रा चावल देना होता है। इस प्रकार गोदाम पर 4614.40 कुंतल खाद्यान्न ही आना चाहिए। लेकिन कालाबाजारियों की मिलीभगत से गोदाम पर दोगुना राशन आने के बाद भी बीपीएल कार्ड धारक उपेक्षित हैं। यही नहीं विकास खंड में 32683 परिवारों को देखा जाए तो यहां भी संबंधित महकमे की सांठ-गांठ से कार्डधारकों की संख्या 24500 अधिक है। परिवारों से अधिक बनाए गए कार्ड का राशन सालों से कहां जा रहा है। इसका महकमे के पास कोई जबाब नहीं है। इस बाबत रसड़ा के उपजिलाधिकारी महेंद्र राय ने बताया कि ऐसा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा होता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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विकास खंड नगरा जिले का सबसे बड़ा ब्लाक है। इसमें 81 ग्राम पंचायतें हैं। प्रभारी बीडीओ रमाकांत राम के मुताबिक विकास खंड में 32683 कुनबे निवास करते हैं। विकास खंड में 57184 राशन कार्डधारक हैं। जिसमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले 13184 बीपीएल राशन कार्डधारक भी हैं। इस ब्लाक में 121 कोटे की दुकानें हैं। मजे की बात यह है कि परिवारों की संख्या का दोगुना राशनकार्ड होने के बावजूद सैकड़ों गरीब उपेक्षित हो इधर-उधर भटक रहे हैं।
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नगरा विकास खंड रसड़ा व बिल्थरारोड तहसील क्षेत्र में पड़ता है। इसका सर्वाधिक हिस्सा बिल्थरारोड में है। विकास खंड के बीपीएल परिवारों के लिए विपणन गोदाम नगरा पर प्रतिमाह सात हजार 560 कुंतल खाद्यान्न आता है। जिसमें अंत्योदय का गेंहू 768.30 कुंतल तथा चावल 1900.75 कुंतल मिलता है। बीपीएल कार्ड के लिए 4900 कुंतल आता है। 13184 बीपीएल परिवारों को प्रति माह 35 किग्रा खाद्यान्न, 15 किग्रा गेहूं व 20 किग्रा चावल देना होता है। इस प्रकार गोदाम पर 4614.40 कुंतल खाद्यान्न ही आना चाहिए। लेकिन कालाबाजारियों की मिलीभगत से गोदाम पर दोगुना राशन आने के बाद भी बीपीएल कार्ड धारक उपेक्षित हैं। यही नहीं विकास खंड में 32683 परिवारों को देखा जाए तो यहां भी संबंधित महकमे की सांठ-गांठ से कार्डधारकों की संख्या 24500 अधिक है। परिवारों से अधिक बनाए गए कार्ड का राशन सालों से कहां जा रहा है। इसका महकमे के पास कोई जबाब नहीं है। इस बाबत रसड़ा के उपजिलाधिकारी महेंद्र राय ने बताया कि ऐसा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा होता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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