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नई दवा नीति के खिलाफ बंद रखी दुकानें
Ballia
Updated Sat, 29 Mar 2014 05:31 AM IST
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बलिया। केंद्र सरकार की नई दवा नीति शेड्यूल एच-1 के खिलाफ शुक्रवार को केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन जिला इकाई के बैनर तले दवा कारोबारियों ने हड़ताल की। पूरे दिन दवा की दुकानें बंद रखीं और केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए। दुकानें बंद रहने से दवा मंडियों में सन्नाटा पसरा रहा तो मरीज और तीमारदार दवाओं के लिए इधर, उधर भटकते रहे। करीब एक करोड़ रुपये से अिध्ाक का कारोबार प्रभावित हुआ। संगठन के लोगों ने जिलाधिकारी को अपनी मांगों का पत्रक सौंपा।
इसके बाद दवा कारोबारियों ने विशुनीपुर स्थित दवा मंडी में बैठक की। बीसीडीए के जिलाध्यक्ष आंनद सिंह ने कहा कि दवा कारोबारियों का यह आंदोलन केंद्र सरकार द्वारा जारी की जाने वाली नई ड्रग नीति शेड्यूल एच-1 और खुदरा दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता के साथ ही नारकोटिक्स ड्रग्स के लिए आनलाइन पंजीकरण के प्रावधानों को निरस्त करने की मांग को लेकर चल रहा है। सरकार की उक्त नीतियों से दवा कारोबारियों का शोषण तय है। बताया कि इस नीति के लागू होने से दवा कारोबारियों के साथ ही आम लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ेगी।इससे दुकानदारों का काम आवश्यकता से अधिक बढ़ जाएगा और इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। औपचारिकता के चक्कर में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में संगठन सरकार की गलत नीतियों का विरोध मांगें पूरी होने तक जारी रखेगा। संगठन ने इस संदर्भ में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, सचिव, राज्य के मुख्यमंत्री, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री, ड्रग कंट्रोलर आफ आल इंडिया के साथ ही विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्षों के नाम से ज्ञापन सौंपा। सभी से दवा कारोबारी विरोधी नीतियों में सुधार के लिए सहयोग की अपील की है। इस मौके पर यूपीएमएसआरए के प्रतिनिधि मंडल के राकेश मिश्र, सत्येंद्र पाठक, नरेंद्र सिंह, विनोद गुप्ता, गुड्डू अग्रवाल, विनोद तिवारी, राजेश सिंह, इशान उपाध्याय, गुड्डू सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव, विजय शंकर, मुन्ना, हीरू, वीरू आदि रहे।
जिलाध्यक्ष आनंद सिंह के आह्वान पर नगर व तहसील के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी दवा की दुकानों को बंद रखा गया। दवा कारोबारियों ने बंदी के साथ ही जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी को व तहसीलों में एसडीएम को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
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गड़वार संवादाता के मुताबिक गड़वार बाजार में छोटेलाल गुप्त व वीरेंद्र गुप्त के नेतृत्व में सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे। सिकंदरपुर संवादाता के मुताबिक दवा विक्रेेता संघ के तहसील अध्यक्ष अविनाश कुमार राय के नेतृत्व में दुकानों को बंद रखा गया। इस मौके पर दवा कारोबारी अनिल गुप्ता, राहुल आदि रहे। रसड़ा संवादाता के मुताबिक कसबे के दवा व्यवसायियों ने रसड़ा दवा संघ के अध्यक्ष लाल बाबू सोनी के नेतृत्व में सरकार की नई ड्रग पालिसी के विरोध में दवा की दुकानों को बंद रखा। इस मौके पर अखिलेश प्रसाद, सनंदन वर्मा, राजेश कुमार गुप्ता, शिशिर कुमार श्रीवास्तव, अन्नू आदि रहे। बेल्थरारोड में भी दवा की दुकानें नहीं खुलीं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नवी आजाद को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रामानुज सिंह को सौंपा गया। इस मौके पर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष जगदीश जायसवाल आदि रहे। बांसडीह संवाददाता के मुताबिक दवा संघ के तहसील अध्यक्ष अंजनी वर्मा के नेतृत्व में दवा दुकानें बंद रहीं। बैरिया संवाददाता के मुताबिक दवा संघ के महामंत्री शिवजी गुप्ता व कार्यवाहक अध्यक्ष वाहिद अली के नेतृत्व में दवा की दुकानों को बंद किया गया।
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इसके बाद दवा कारोबारियों ने विशुनीपुर स्थित दवा मंडी में बैठक की। बीसीडीए के जिलाध्यक्ष आंनद सिंह ने कहा कि दवा कारोबारियों का यह आंदोलन केंद्र सरकार द्वारा जारी की जाने वाली नई ड्रग नीति शेड्यूल एच-1 और खुदरा दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता के साथ ही नारकोटिक्स ड्रग्स के लिए आनलाइन पंजीकरण के प्रावधानों को निरस्त करने की मांग को लेकर चल रहा है। सरकार की उक्त नीतियों से दवा कारोबारियों का शोषण तय है। बताया कि इस नीति के लागू होने से दवा कारोबारियों के साथ ही आम लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ेगी।इससे दुकानदारों का काम आवश्यकता से अधिक बढ़ जाएगा और इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। औपचारिकता के चक्कर में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में संगठन सरकार की गलत नीतियों का विरोध मांगें पूरी होने तक जारी रखेगा। संगठन ने इस संदर्भ में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, सचिव, राज्य के मुख्यमंत्री, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री, ड्रग कंट्रोलर आफ आल इंडिया के साथ ही विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्षों के नाम से ज्ञापन सौंपा। सभी से दवा कारोबारी विरोधी नीतियों में सुधार के लिए सहयोग की अपील की है। इस मौके पर यूपीएमएसआरए के प्रतिनिधि मंडल के राकेश मिश्र, सत्येंद्र पाठक, नरेंद्र सिंह, विनोद गुप्ता, गुड्डू अग्रवाल, विनोद तिवारी, राजेश सिंह, इशान उपाध्याय, गुड्डू सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव, विजय शंकर, मुन्ना, हीरू, वीरू आदि रहे।
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जिलाध्यक्ष आनंद सिंह के आह्वान पर नगर व तहसील के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी दवा की दुकानों को बंद रखा गया। दवा कारोबारियों ने बंदी के साथ ही जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी को व तहसीलों में एसडीएम को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
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गड़वार संवादाता के मुताबिक गड़वार बाजार में छोटेलाल गुप्त व वीरेंद्र गुप्त के नेतृत्व में सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे। सिकंदरपुर संवादाता के मुताबिक दवा विक्रेेता संघ के तहसील अध्यक्ष अविनाश कुमार राय के नेतृत्व में दुकानों को बंद रखा गया। इस मौके पर दवा कारोबारी अनिल गुप्ता, राहुल आदि रहे। रसड़ा संवादाता के मुताबिक कसबे के दवा व्यवसायियों ने रसड़ा दवा संघ के अध्यक्ष लाल बाबू सोनी के नेतृत्व में सरकार की नई ड्रग पालिसी के विरोध में दवा की दुकानों को बंद रखा। इस मौके पर अखिलेश प्रसाद, सनंदन वर्मा, राजेश कुमार गुप्ता, शिशिर कुमार श्रीवास्तव, अन्नू आदि रहे। बेल्थरारोड में भी दवा की दुकानें नहीं खुलीं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नवी आजाद को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रामानुज सिंह को सौंपा गया। इस मौके पर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष जगदीश जायसवाल आदि रहे। बांसडीह संवाददाता के मुताबिक दवा संघ के तहसील अध्यक्ष अंजनी वर्मा के नेतृत्व में दवा दुकानें बंद रहीं। बैरिया संवाददाता के मुताबिक दवा संघ के महामंत्री शिवजी गुप्ता व कार्यवाहक अध्यक्ष वाहिद अली के नेतृत्व में दवा की दुकानों को बंद किया गया।