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हादसे के बाद भी लापरवाह बने अधिकारी
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:09 AM IST
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दुबहर। जनपद के श्रीरामपुर गंगाघाट पर बनने वाले पीपापुल के अब तक न बनाए जाने पर लोगों में खासी नाराजगी है। 15 अक्टूबर से पहले बन जाने वाले इस पीपापुल को दो माह से अधिक समय बीत जाने पर भी न बनाए जाने पर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही जाहिर हो रही।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुल के न बनने के कारण पिछले दिनों श्रीरामपुर गंगा घाट पर नाव से गंगा पार कर रहे यात्रियों से भरी नाव नदी डूब गई। संजोग ही अच्छा था जहां नाव डूबी वहां पानी कम था। इसके बाद भी ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की आंखे नहीं खुल रही है जो किसी बड़ी घटना होने के बाद भी हरकत में नहीं आ रहे है और पुल का संचालन नहीं करा पा रहे है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अगर किसी जनप्रतिनिधि के घर किसी बड़े नेता का आगमन होता है तो एक दिन में लंबी चौड़ी सड़क बनकर तैयार हो जाती है। वहीं लाखों की आबादी गंगा इस पार से उस पार पुल के माध्यम से आती जाती है। फिर भी पीपापुल के निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है। लोग अपने आवश्यक कार्यो के लिए जिंदगी को दाव पर रखकर नाव में बैठकर इस पार से उस पार आते जाते है।
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क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुल के न बनने के कारण पिछले दिनों श्रीरामपुर गंगा घाट पर नाव से गंगा पार कर रहे यात्रियों से भरी नाव नदी डूब गई। संजोग ही अच्छा था जहां नाव डूबी वहां पानी कम था। इसके बाद भी ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की आंखे नहीं खुल रही है जो किसी बड़ी घटना होने के बाद भी हरकत में नहीं आ रहे है और पुल का संचालन नहीं करा पा रहे है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अगर किसी जनप्रतिनिधि के घर किसी बड़े नेता का आगमन होता है तो एक दिन में लंबी चौड़ी सड़क बनकर तैयार हो जाती है। वहीं लाखों की आबादी गंगा इस पार से उस पार पुल के माध्यम से आती जाती है। फिर भी पीपापुल के निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है। लोग अपने आवश्यक कार्यो के लिए जिंदगी को दाव पर रखकर नाव में बैठकर इस पार से उस पार आते जाते है।
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