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बदहाल सीएचसी पर क्यों नहीं पड़ी अफसरों की नजर
Updated Tue, 31 Oct 2017 11:10 PM IST
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बलिया। चार दिन पहले इलाज के अभाव में नरहीं सीएचसी पर हुई मौत के मामले की जांच तो अफसरों के टीम ने की। लेकिन किसी की नजर अस्पताल के बदहाल भवन पर नहीं गई। बताया जाता है कि सालों से भवन मरम्मत के नाम पर भी खूब खेल किया गया है। ऐसे में दवाईयों व अन्य उपकरणों को सुरक्षित रखना भी मुश्किल है।
चार दिन पहले नरहीं सीएचसी पर महिला की मौत के बाद राज्य मंत्री समेत आला अफसर भी पहुंचे। मामले की जांच पड़ताल भी शुरु हुई। बताया जाता है कि राज्य मंत्री व अफसरों के जाने के कुछ ही देर बाद सीढ़ी के पास दीवार का छोटा हिस्सा गिर गया। कर्मचारियों की मानें तो तीन माह पहले राज्य मंत्री के निरीक्षण में एक्स-रे मशीन खराब मिली थी। जिसे दुरुस्त कराया गया है। लेकिन आज भी एक्सरे-रुम, स्टोर रुम, पैथोलॉजी लैब आदि सुरक्षित नहीं हैं। एक्स-रे टेक्निशियन विनोद कुमार यादव ने बताया कि अस्पताल का भवन इस कदर जर्जर है कि हल्की बारिश होने पर भी दोनों तले पर बने कक्षों में पानी भर जाता है। ऐसा भी नहीं ंहै कि 26 साल पहले बने इस सीएचसी के मरम्मत का कार्य नहीं किया गया हो।
सूत्रों की मानें तो कई बार सीएचसी की मरम्मत कागजों पर धन का बंदरबांट कर किया गया। सवाल उठता है कि जब अस्पताल की ऐसी दुर्दशा है तो मरीजों के इलाज का इंतजाम क्या होगा। हैरानी की बात है महिला की मौत के बाद अस्पताल पर पहुंचे अफसरों की निगाह इस ओर नहीं गई।
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चार दिन पहले नरहीं सीएचसी पर महिला की मौत के बाद राज्य मंत्री समेत आला अफसर भी पहुंचे। मामले की जांच पड़ताल भी शुरु हुई। बताया जाता है कि राज्य मंत्री व अफसरों के जाने के कुछ ही देर बाद सीढ़ी के पास दीवार का छोटा हिस्सा गिर गया। कर्मचारियों की मानें तो तीन माह पहले राज्य मंत्री के निरीक्षण में एक्स-रे मशीन खराब मिली थी। जिसे दुरुस्त कराया गया है। लेकिन आज भी एक्सरे-रुम, स्टोर रुम, पैथोलॉजी लैब आदि सुरक्षित नहीं हैं। एक्स-रे टेक्निशियन विनोद कुमार यादव ने बताया कि अस्पताल का भवन इस कदर जर्जर है कि हल्की बारिश होने पर भी दोनों तले पर बने कक्षों में पानी भर जाता है। ऐसा भी नहीं ंहै कि 26 साल पहले बने इस सीएचसी के मरम्मत का कार्य नहीं किया गया हो।
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सूत्रों की मानें तो कई बार सीएचसी की मरम्मत कागजों पर धन का बंदरबांट कर किया गया। सवाल उठता है कि जब अस्पताल की ऐसी दुर्दशा है तो मरीजों के इलाज का इंतजाम क्या होगा। हैरानी की बात है महिला की मौत के बाद अस्पताल पर पहुंचे अफसरों की निगाह इस ओर नहीं गई।
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