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लोक अदालत में 898 वादों का हुआ निस्तारण
अमर उजाला ब्यूरोः बलिया
Updated Sat, 08 Oct 2016 10:12 PM IST
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उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन में शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में जिला विधिक सेवा प्रधिकरण के तत्वावधान में मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 898 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 45615 रुपये अर्थदंड वसूले गए।
जनपद न्यायाधीश मो. असलम की अदालत से मोटर क्लेम के चार वादों का निस्तारण किया गया। जबकि प्रथम एडीजे विनोद कुमार के अदालत में तीन फौजदारी तथा एक अन्य वाद निस्तारित किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय विनोद कुमार की अदालत में फौजदारी के पांच तथा दो अन्य वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज मनोज कुमार राय के अदालत में दो मोटर क्लेम, परिवार न्यायाधीश आरएस सिंह की अदालत में भरण पोषण के चार तथा अन्य व्यवहारिक वादों का निस्तारण किया गया। एफटीसी तृतीय के न्यायाधीश रत्नेशमणि त्रिपाठी के अदालत में तीन वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। सीजेएम अमित मालवीय के अदालत में 128 फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुए 15 हजार रुपये के अर्थदंड वसूले गए।
सिविल जज मृदुल दूबे की अदालत में दस उत्तराधिकार वाद निस्तारित किए गए। जबकि एसीजेएम द्वितीय की न्यायालय में 73 फौजदारी तथा एक वैवाहिक वाद का निस्तारण हुआ। सिविल कोर्ट परिसर में कुल 408 वाद निस्तारित किए गए। जबकि राजस्व न्यायालयों में 421 फौजदारी, 73 राजस्व तथा छह उपभोक्ता फोरम के मामले निपटाए गए। इस तरह कुल 898 वादों का निस्तारण किया गया।
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जनपद न्यायाधीश मो. असलम की अदालत से मोटर क्लेम के चार वादों का निस्तारण किया गया। जबकि प्रथम एडीजे विनोद कुमार के अदालत में तीन फौजदारी तथा एक अन्य वाद निस्तारित किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय विनोद कुमार की अदालत में फौजदारी के पांच तथा दो अन्य वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज मनोज कुमार राय के अदालत में दो मोटर क्लेम, परिवार न्यायाधीश आरएस सिंह की अदालत में भरण पोषण के चार तथा अन्य व्यवहारिक वादों का निस्तारण किया गया। एफटीसी तृतीय के न्यायाधीश रत्नेशमणि त्रिपाठी के अदालत में तीन वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। सीजेएम अमित मालवीय के अदालत में 128 फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुए 15 हजार रुपये के अर्थदंड वसूले गए।
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सिविल जज मृदुल दूबे की अदालत में दस उत्तराधिकार वाद निस्तारित किए गए। जबकि एसीजेएम द्वितीय की न्यायालय में 73 फौजदारी तथा एक वैवाहिक वाद का निस्तारण हुआ। सिविल कोर्ट परिसर में कुल 408 वाद निस्तारित किए गए। जबकि राजस्व न्यायालयों में 421 फौजदारी, 73 राजस्व तथा छह उपभोक्ता फोरम के मामले निपटाए गए। इस तरह कुल 898 वादों का निस्तारण किया गया।
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