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पति को आजीवन कारावास, शेष को किया दोष मुक्त
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:48 PM IST
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दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास
बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम की अदालत ने सोमवार को दहेज हत्या की सुनवाई करते हुए पति जयपाल सिंह को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन श्रम कारावास तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। नकद धनराशि जमा नहीं करने पर एक साल का अलग से सजा काटना होगा, जबकि चार अभियुक्त गोपाल सिंह, मीरा देवी, बासुदेव सिंह व रेनू सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। अभियुक्तों पर रेवती थाने में वर्ष 2013 में डीपी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीसी प्रथम मनोरमा की अदालत ने सुनवाई करते हुए पति को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि शेष अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
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बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम की अदालत ने सोमवार को दहेज हत्या की सुनवाई करते हुए पति जयपाल सिंह को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन श्रम कारावास तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। नकद धनराशि जमा नहीं करने पर एक साल का अलग से सजा काटना होगा, जबकि चार अभियुक्त गोपाल सिंह, मीरा देवी, बासुदेव सिंह व रेनू सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। अभियुक्तों पर रेवती थाने में वर्ष 2013 में डीपी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीसी प्रथम मनोरमा की अदालत ने सुनवाई करते हुए पति को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि शेष अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।