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विश्वविद्यालय स्थापना का उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करना : योगेंद्र
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:24 PM IST
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जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेंद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय स्थापना का उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करना है। रोजगार परक शिक्षा के साथ ही पारंपरिक शिक्षा के अध्ययन और अध्यापन की व्यवस्था की जा रही है। गरीब और मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा।
सोनाडीह महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने आए कुलपति प्रोफ़ेसर सिंह ने अमर उजाला से खास मुलाकात में कहा कि विश्वविद्यालय जिले में शैक्षिक विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बलिया की लोक परंपराओं और संस्कृति की विशेषताओं को भोजपुरी केंद्र के माध्यम से विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना हो गई है। उनके विचारों को सेमिनार और कार्यशाला के माध्यम से आम जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पंडित उपाध्याय पर साहित्य का प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययन- अध्यापन की दिशा में अध्यापकों और कर्मचारियों के पदों के सृजन के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। उम्मीद जताई कि सत्र 2018-19 से कुछ विषयों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में शैक्षिक विकास के क्षेत्र में कार्य करना उद्देश्य है। इस दिशा में अभिभावकों, बुद्धिजीवियों,नेताओं और जागरुक लोगों के सकारात्मक सहयोग की जरूरत है।
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सोनाडीह महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने आए कुलपति प्रोफ़ेसर सिंह ने अमर उजाला से खास मुलाकात में कहा कि विश्वविद्यालय जिले में शैक्षिक विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बलिया की लोक परंपराओं और संस्कृति की विशेषताओं को भोजपुरी केंद्र के माध्यम से विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना हो गई है। उनके विचारों को सेमिनार और कार्यशाला के माध्यम से आम जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पंडित उपाध्याय पर साहित्य का प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययन- अध्यापन की दिशा में अध्यापकों और कर्मचारियों के पदों के सृजन के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। उम्मीद जताई कि सत्र 2018-19 से कुछ विषयों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में शैक्षिक विकास के क्षेत्र में कार्य करना उद्देश्य है। इस दिशा में अभिभावकों, बुद्धिजीवियों,नेताओं और जागरुक लोगों के सकारात्मक सहयोग की जरूरत है।
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