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Ballia News: धूमधाम से मनाया गया लेखपाल संघ का 63वां स्थापना दिवस
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सिकंदरपुर तहसील परिसर में उप्र लेखपाल संघ का 63वां स्थापना दिवस पर संस्थापक मुरारीलाल शर्मा के
सिकंदरपुर। तहसील सभागार में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का 63वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लेखपालों की उपस्थिति ने संगठन की मजबूती और एकजुटता को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत संघ के संस्थापक मुरारीलाल शर्मा के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद संगठन की स्थापना से लेकर अब तक की 63 वर्ष की यात्रा, संघर्षों और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि संगठन आज जिस मुकाम पर है, वह संस्थापक के मजबूत नेतृत्व और लेखपाल समुदाय की कड़ी मेहनत का परिणाम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष हुकुम सिंह ने कहा कि संगठन के संस्थापक मुरारीलाल शर्मा ने जिस उद्देश्य के साथ लेखपाल संघ की स्थापना की थी, आज वह संगठन वटवृक्ष का रूप ले चुका है।
उन्होंने संगठन की एकजुटता को सराहते हुए कहा कि आने वाले समय में लेखपालों की जिम्मेदारियां और बढ़ेंगी, इसलिए आवश्यक है कि सभी सदस्य तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर खुद को सशक्त बनाएं। स्थापना दिवस के मौके पर लेखपालों की लंबित समस्याओं, कार्यभार, तकनीकी संसाधनों की कमी और फील्ड में आने वाली दिक्कतों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि संघ समय-समय पर इन समस्याओं को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाता रहा है और आगे भी संगठन अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहेगा।
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इस मौके पर मंत्री रंजीत कुमार वर्मा, सचिन यादव, राधेश्याम गुप्ता, मनोज कुमार यादव, अमन तिवारी, अनुराग गोस्वामी, रवि सिंह, प्रमोद गुप्ता समेत दर्जनों पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत संघ के संस्थापक मुरारीलाल शर्मा के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद संगठन की स्थापना से लेकर अब तक की 63 वर्ष की यात्रा, संघर्षों और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि संगठन आज जिस मुकाम पर है, वह संस्थापक के मजबूत नेतृत्व और लेखपाल समुदाय की कड़ी मेहनत का परिणाम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष हुकुम सिंह ने कहा कि संगठन के संस्थापक मुरारीलाल शर्मा ने जिस उद्देश्य के साथ लेखपाल संघ की स्थापना की थी, आज वह संगठन वटवृक्ष का रूप ले चुका है।
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उन्होंने संगठन की एकजुटता को सराहते हुए कहा कि आने वाले समय में लेखपालों की जिम्मेदारियां और बढ़ेंगी, इसलिए आवश्यक है कि सभी सदस्य तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर खुद को सशक्त बनाएं। स्थापना दिवस के मौके पर लेखपालों की लंबित समस्याओं, कार्यभार, तकनीकी संसाधनों की कमी और फील्ड में आने वाली दिक्कतों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि संघ समय-समय पर इन समस्याओं को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाता रहा है और आगे भी संगठन अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहेगा।
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इस मौके पर मंत्री रंजीत कुमार वर्मा, सचिन यादव, राधेश्याम गुप्ता, मनोज कुमार यादव, अमन तिवारी, अनुराग गोस्वामी, रवि सिंह, प्रमोद गुप्ता समेत दर्जनों पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।