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लोक रस 201
Updated Mon, 29 Oct 2018 12:00 AM IST
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बलिया। भोजपुरी को बढ़ावा देने और लोक संगीत के जरिया इसकी पैठ बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच लोकरस 2018 का आयोजन किया गया। भृग मुनि की धरती पर लोक गायन के क्षेत्र में मुकाम हासिल कर चुके दिग्गज कलाकारों ने प्रस्तुति से यहां मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में भाजपुरी के कद्रदानों गायकी का लुत्फ का उठाया। पहल सांस्कृतिक संस्थान मिश्रवलिया टू आइज फाउंडेशन तिखमपुर के संयुक्त प्रयास से नगर के टाउन हॉल मैदान में शाम पांच बजे कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, मोहन श्रीवास्तव सहित अन्य अतिथियों ने दीप जलाकर संयुक्त रूप से किया। सबसे पहले लोक गायक शैलेंद्र मिश्रा स्वागत गीत पेश किया। इसके उपरांत देवी गीत से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ सुनीता पाठक ने किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने देवी गीत गाकर उसके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भोजपुरी को भी संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए। इसकी लड़ाई युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित सिंह काफी दिनों से लड़ रहे हैं। उम्मीद है जल्द ही इसे सूची में शामिल कर लिया जाएगा। इस अवसर पर युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि भोजपुरी भाषा में काफी मिठास है। भोजपुरी बिहार तथा यूपी के पूर्वांचल में मुख्य रूप से बोली जाती है, हालांकि वर्तमान समय में देश के कई हिस्सों में यह भाषा अपनी पैठ बनाती जा रही। यहां तक की विदेशों में भी भोजपुरी भाषी लोग मिलते हैं। भोजपुरी भाषा में अपनत्व झलकता है। कार्यक्रम में भोजपुरी लोकगीत गायक शैलेंद्र मिश्र बलिया, चंदन तिवारी बोकारो, संजोली पांडे लखनऊ, सुनीता पाठक, राजीव राज, शैलेंद्र शर्मा, आशुतोष यादव अपनी गायकी का प्रस्तुति दी। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इस दौरान आशीष त्रिवेदी के निर्देशन में बेटी बचाओ लघु नाटिका का मंचन भी किया गया, जिसे लोगों ने खूब सराहा। इस मौके पर साहित्यकार एवं लोक कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।
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इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, मोहन श्रीवास्तव सहित अन्य अतिथियों ने दीप जलाकर संयुक्त रूप से किया। सबसे पहले लोक गायक शैलेंद्र मिश्रा स्वागत गीत पेश किया। इसके उपरांत देवी गीत से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ सुनीता पाठक ने किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने देवी गीत गाकर उसके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भोजपुरी को भी संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए। इसकी लड़ाई युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित सिंह काफी दिनों से लड़ रहे हैं। उम्मीद है जल्द ही इसे सूची में शामिल कर लिया जाएगा। इस अवसर पर युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि भोजपुरी भाषा में काफी मिठास है। भोजपुरी बिहार तथा यूपी के पूर्वांचल में मुख्य रूप से बोली जाती है, हालांकि वर्तमान समय में देश के कई हिस्सों में यह भाषा अपनी पैठ बनाती जा रही। यहां तक की विदेशों में भी भोजपुरी भाषी लोग मिलते हैं। भोजपुरी भाषा में अपनत्व झलकता है। कार्यक्रम में भोजपुरी लोकगीत गायक शैलेंद्र मिश्र बलिया, चंदन तिवारी बोकारो, संजोली पांडे लखनऊ, सुनीता पाठक, राजीव राज, शैलेंद्र शर्मा, आशुतोष यादव अपनी गायकी का प्रस्तुति दी। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इस दौरान आशीष त्रिवेदी के निर्देशन में बेटी बचाओ लघु नाटिका का मंचन भी किया गया, जिसे लोगों ने खूब सराहा। इस मौके पर साहित्यकार एवं लोक कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।
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