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यह सवर्णों का गांव है, राजनीतिक पार्टियां वोट मांग शर्मिंदा न करें
Updated Mon, 10 Sep 2018 12:32 AM IST
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बैरिया (बलिया)। क्षेत्र के सोनबरसा गांव के कुछ युवकों ने एससी-एसटी एक्ट के विरोध का नया तरीका अपनाया है। गांव को जाने वाले मार्ग पर बैनर लगाया है कि यह गांव सवर्णों का है और एक्ट का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों के नेता वोट मांग कर उन्हें शर्मिंदा न करें। युवाओं ने आगामी चुनाव में नोटा प्रयोग करने के लिए प्रचार-प्रसार करना शुरू कर दिया है।
सोनबरसा-दलनछपरा मार्ग के किनारे सोनबरसा प्राथमिक विद्यालय नंबर एक व गांव में जाने वाले मार्ग के गेट पर एक बैनर लगा है कि यह गांव सवर्णों का है। हम एससी-एसटी एक्ट संशोधन का विरोध करते हैं, कृपया राजनीतिक पार्टियां वोट मांग कर हमें शर्मिंदा न करें। गांव के युवाओं का कहना था कि शासन सत्ता के गलियारे तक पहुंचते ही जनप्रतिनिधियों के विचार बदल जा रहे हैं। वह जनता के लिए कुछ भी नहीं करते, सिर्फ शासन सत्ता में बने रहने के लिए जुगत लगाते हैं। कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट के निर्णय का इंतजार और एससी-एसटी एक्ट संशोधन के लिए अपना विचार यह कहां तक तर्क संगत है। आजादी हासिल किए लंबा अरसा बीत गया, उचित तो यह होता कि अब आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाता। लेकिन इस पर विचार तक नहीं किया जा रहा है और एक्ट में संशोधन कर के ब्लैक मेल करने का औजार उपलब्ध कराया गया है। युवाओं ने कहा कि हम इस एक्ट का विरोध करते हैं और संवैधानिक व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों के तिरस्कार के लिए नोटा के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। इस मौके पर रॉकी सिंह, हिमांशु सिंह, विक्की, हैप्पी सिंह, विशाल सिंह छोटू, पवनेश सिंह, रूद्रेश सिंह, मखनु ,भोलू सिंह, बबलू सिंह, राहुल सिंह, प्रदुम्न सिंह, रोशन दुबे, शिबू ओझा, राजा मिश्रा, पंकज पासवान, विशाल सिंह, बबलू मिश्रा, अमित सिंह आदि रहे।
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सोनबरसा-दलनछपरा मार्ग के किनारे सोनबरसा प्राथमिक विद्यालय नंबर एक व गांव में जाने वाले मार्ग के गेट पर एक बैनर लगा है कि यह गांव सवर्णों का है। हम एससी-एसटी एक्ट संशोधन का विरोध करते हैं, कृपया राजनीतिक पार्टियां वोट मांग कर हमें शर्मिंदा न करें। गांव के युवाओं का कहना था कि शासन सत्ता के गलियारे तक पहुंचते ही जनप्रतिनिधियों के विचार बदल जा रहे हैं। वह जनता के लिए कुछ भी नहीं करते, सिर्फ शासन सत्ता में बने रहने के लिए जुगत लगाते हैं। कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट के निर्णय का इंतजार और एससी-एसटी एक्ट संशोधन के लिए अपना विचार यह कहां तक तर्क संगत है। आजादी हासिल किए लंबा अरसा बीत गया, उचित तो यह होता कि अब आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाता। लेकिन इस पर विचार तक नहीं किया जा रहा है और एक्ट में संशोधन कर के ब्लैक मेल करने का औजार उपलब्ध कराया गया है। युवाओं ने कहा कि हम इस एक्ट का विरोध करते हैं और संवैधानिक व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों के तिरस्कार के लिए नोटा के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। इस मौके पर रॉकी सिंह, हिमांशु सिंह, विक्की, हैप्पी सिंह, विशाल सिंह छोटू, पवनेश सिंह, रूद्रेश सिंह, मखनु ,भोलू सिंह, बबलू सिंह, राहुल सिंह, प्रदुम्न सिंह, रोशन दुबे, शिबू ओझा, राजा मिश्रा, पंकज पासवान, विशाल सिंह, बबलू मिश्रा, अमित सिंह आदि रहे।
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