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ककरघट्टा को कटान से बचाने को डीएम गंभीर
Updated Sun, 15 Apr 2018 12:16 AM IST
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बलिया (मनियर)। क्षेत्र के ककरघट्टा में कटान की खतरनाक स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत गंभीर दिख रहे हैं। शनिवार को उन्होंने ककरघट्टा में जाकर कटान की स्थिति को देखा।
डीएम ने बाढ़ विभाग के अधिकारियों से प्रोजेक्ट आदि की जानकारी ली। आबादी को बचाने के बाढ़ विभाग के अधिकारियों को भी गंभीर हो जाने की हिदायत दी। सहायक अभियंता एसएस जायसवाल ने बताया कि फिलहाल कोई प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं है। एक 1800 मीटर का प्रोजेक्ट गया है जिसकी स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। उसकी बकायदा जानकारी लेने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि अप्रैल चल रहा है। बड़ा प्रोजेक्ट स्वीकृति में अड़चन आ रही है तो 350 मीटर का एक छोटा प्रोजेक्ट बनाकर तत्काल भेजें। मेरे स्तर से भी उसे भिजवाएं। मुख्यमंत्री से अनुरोध करके उसकी स्वीकृति कराई जाएगी। किसी भी हालत में आबादी को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बाढ़ विभाग के एक्सईएन को निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट ऐसा बनाएं जिसकी स्वीकृति भी मिल जाए।
बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि बाढ़ एक्सईएन दिलीप चतुर्वेदी ने बताया कि विशेष परिस्थिति में परिचालन विधि से शीघ्र स्वीकृति मिल जाती है। ऐसा होगा तभी समय से काम पूरा हो सकता है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रोजेक्ट बनाकर भेजें। विशेष रुचि लेकर परिचालन विधि से उसकी स्वीकृति कराई जाएगी। स्वीकृति के बाद ककरघट्टा में युद्धस्तर पर काम कराने को कहा। इस मौके पर उपजिलाधिकारी बांसडीह अनिल चतुर्वेदी, एसओ मनियर साथ मौजूद रहे।
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डीएम ने बाढ़ विभाग के अधिकारियों से प्रोजेक्ट आदि की जानकारी ली। आबादी को बचाने के बाढ़ विभाग के अधिकारियों को भी गंभीर हो जाने की हिदायत दी। सहायक अभियंता एसएस जायसवाल ने बताया कि फिलहाल कोई प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं है। एक 1800 मीटर का प्रोजेक्ट गया है जिसकी स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। उसकी बकायदा जानकारी लेने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि अप्रैल चल रहा है। बड़ा प्रोजेक्ट स्वीकृति में अड़चन आ रही है तो 350 मीटर का एक छोटा प्रोजेक्ट बनाकर तत्काल भेजें। मेरे स्तर से भी उसे भिजवाएं। मुख्यमंत्री से अनुरोध करके उसकी स्वीकृति कराई जाएगी। किसी भी हालत में आबादी को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बाढ़ विभाग के एक्सईएन को निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट ऐसा बनाएं जिसकी स्वीकृति भी मिल जाए।
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बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि बाढ़ एक्सईएन दिलीप चतुर्वेदी ने बताया कि विशेष परिस्थिति में परिचालन विधि से शीघ्र स्वीकृति मिल जाती है। ऐसा होगा तभी समय से काम पूरा हो सकता है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रोजेक्ट बनाकर भेजें। विशेष रुचि लेकर परिचालन विधि से उसकी स्वीकृति कराई जाएगी। स्वीकृति के बाद ककरघट्टा में युद्धस्तर पर काम कराने को कहा। इस मौके पर उपजिलाधिकारी बांसडीह अनिल चतुर्वेदी, एसओ मनियर साथ मौजूद रहे।
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