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महाविद्यालय के भवन में धन के बंदरबांट का लगाया आरोप
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:17 PM IST
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दुबहर। जनपद में एकमात्र शहीद मंगल पांडेय के नाम पर उनके पैतृक गांव नगवां में बरसों से बन रहे राजकीय महिला महाविद्यालय का निर्माण कार्य अब तक पूरे न होने तथा उस के कार्य की गुणवत्ता में घोर लापरवाही बरतने पर मंगल पांडेय विचार मंच ने आक्रोश प्रकट किया है। इससे आहत होकर मंगल पांडेय विचार मंच के अध्यक्ष कृष्णकांत पाठक ने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं सचिव को पत्र लिखा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2007 से निर्माणाधीन राजकीय महिला महाविद्यालय को किन परिस्थितियों में आज तक विद्यालय प्रशासन को हैंडओवर नहीं किया गया। साथ ही नक्शे के अनुसार निर्माण कार्यों का संपादन भी सही ढंग से अभी तक नहीं कराया गया है। बताया कि जिस प्रकार इतने लंबे चौड़े बजट के बावजूद भी जो मानक के अनुसार निर्माण एजेंसी को भवन बनाना चाहिए लेकिन उसने गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में विपरीत परिस्थितियों में आग लगने के लिए लगाए गए अग्निशमन सुरक्षा यंत्र भी मानक के अनुसार नहीं लगाए गए हैं। जिसके बारे में पिछले दिनों बलिया के फायर सर्विस के अधिकारियों ने अपने निरीक्षण के दौरान बताया कि जिस प्रकार अग्निशमन यंत्र इस विद्यालय में लगाए गए हैं, यह मात्र औपचारिकता ही पूरी की गई है। इससे किसी भी प्रकार का आग से होने वाली दुर्घटनाओं पर काबू नहीं पाया जा सकता। बताया कि आनन-फानन में आधे अधूरे निर्मित भवनों में बिजली विभाग के ठेकेदार ने भी उपकरणों के लगाने में घोर लापरवाही बरती है। मानक के अनुसार विद्यालय में पंखे, बल्ब तथा अन्य उपकरण लगाए जाने चाहिए, जो नहीं लगाया गया है। बताया कि जनपद में एकमात्र राजकीय महिला महाविद्यालय के निर्माण में जिस प्रकार लापरवाही बरत कर धन की बंदरबांट करने की साजिश की गई है। हर हाल में उसकी जांच होनी चाहिए। कहा कि इसकी शिकायत चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति से की गई है। जिन्होंने अपने स्तर से करवाई करने का पूरा भरोसा दिलाया है।
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इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2007 से निर्माणाधीन राजकीय महिला महाविद्यालय को किन परिस्थितियों में आज तक विद्यालय प्रशासन को हैंडओवर नहीं किया गया। साथ ही नक्शे के अनुसार निर्माण कार्यों का संपादन भी सही ढंग से अभी तक नहीं कराया गया है। बताया कि जिस प्रकार इतने लंबे चौड़े बजट के बावजूद भी जो मानक के अनुसार निर्माण एजेंसी को भवन बनाना चाहिए लेकिन उसने गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में विपरीत परिस्थितियों में आग लगने के लिए लगाए गए अग्निशमन सुरक्षा यंत्र भी मानक के अनुसार नहीं लगाए गए हैं। जिसके बारे में पिछले दिनों बलिया के फायर सर्विस के अधिकारियों ने अपने निरीक्षण के दौरान बताया कि जिस प्रकार अग्निशमन यंत्र इस विद्यालय में लगाए गए हैं, यह मात्र औपचारिकता ही पूरी की गई है। इससे किसी भी प्रकार का आग से होने वाली दुर्घटनाओं पर काबू नहीं पाया जा सकता। बताया कि आनन-फानन में आधे अधूरे निर्मित भवनों में बिजली विभाग के ठेकेदार ने भी उपकरणों के लगाने में घोर लापरवाही बरती है। मानक के अनुसार विद्यालय में पंखे, बल्ब तथा अन्य उपकरण लगाए जाने चाहिए, जो नहीं लगाया गया है। बताया कि जनपद में एकमात्र राजकीय महिला महाविद्यालय के निर्माण में जिस प्रकार लापरवाही बरत कर धन की बंदरबांट करने की साजिश की गई है। हर हाल में उसकी जांच होनी चाहिए। कहा कि इसकी शिकायत चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति से की गई है। जिन्होंने अपने स्तर से करवाई करने का पूरा भरोसा दिलाया है।
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