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भटकते बच्चों को चाइल्ड लाइन बना सहारा
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:14 PM IST
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बलिया। सोमवार की शाम चित्तू पांडेय चौराहा और रेलवे स्टेशन के समीप भटकते चार बच्चे मिले, जिन्हें चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया। उक्त बच्चों की उम्र तीन से नौ साल के बीच है। उक्त बच्चों की मां जेल में निरूद्ध हैं।
चित्तू पांडेय चौराहे पर एक चाय की दूकान के पास भटक रहे दो बच्चों को चाइल्ड लाइन ने बरामद किया। जिसमें तनू सिंह (9) व राजकुमार सिंह पुत्रगण अवधेश सिंह निवासी सुल्तानपुर थाना बांसडीह कोतवाली है। चाइल्ड लाइन ने जब बच्चों से पूछताछ किया तो पता चला कि इनकी दो बहने बलिया रेलवे स्टेशन पर खो गये हैं। इसके बाद चाइल्ड लाइन के सदस्य स्टेशन पहुंच अनामिका (4) व पलक (2) पुत्री अवधेश सिंह को बरामद किया। बच्चों की मां को जेल में हैं। बच्चों के मामा लड्डू सिंह पुत्र श्रीराम सिंह निवासी नरहन, थाना रघुनाथपुर, जिला सिवान, बिहार को इसकी सूचना भेजी गई। बच्चों के मामा ने बताया कि बहन की जमानत के लिए उसके पास पैसे नहीं है।मोबाइल बेचकर कागजात तैयार करा लिया हूं, लेकिन वकील को देने के लिए 15 सौ रुपये नहीं है। पैसों का इंतजाम होते ही बहन की जमानत हो जायेगी। वहीं चाइल्ड लाइन भटके बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के कोर्ट में प्रस्तुत करेगा। सीवीसी ही बच्चों की सुपुर्दगी का फैसला करेगा। अगर कोर्ट को बच्चों के मामा पर भरोसा नहीं हुआ तो वह बच्चों को बाल गृह में भेज सकता है।
ददरी मेला में भटकता मिला बच्चा
बलिया। चाइल्ड लाइन को एक अबोध छह साल का बच्चा मंगलवार को ददरी मेला में मिला है। बच्चा मेला में रोते हुए इधर-उधर भटक रहा था। बच्चा अपने मां-बाप का नाम व पता बताने में असमर्थ है। चाइल्ड लाइन इसे भी सीडब्ल्यूसी कोर्ट में पेश करेगा।
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चित्तू पांडेय चौराहे पर एक चाय की दूकान के पास भटक रहे दो बच्चों को चाइल्ड लाइन ने बरामद किया। जिसमें तनू सिंह (9) व राजकुमार सिंह पुत्रगण अवधेश सिंह निवासी सुल्तानपुर थाना बांसडीह कोतवाली है। चाइल्ड लाइन ने जब बच्चों से पूछताछ किया तो पता चला कि इनकी दो बहने बलिया रेलवे स्टेशन पर खो गये हैं। इसके बाद चाइल्ड लाइन के सदस्य स्टेशन पहुंच अनामिका (4) व पलक (2) पुत्री अवधेश सिंह को बरामद किया। बच्चों की मां को जेल में हैं। बच्चों के मामा लड्डू सिंह पुत्र श्रीराम सिंह निवासी नरहन, थाना रघुनाथपुर, जिला सिवान, बिहार को इसकी सूचना भेजी गई। बच्चों के मामा ने बताया कि बहन की जमानत के लिए उसके पास पैसे नहीं है।मोबाइल बेचकर कागजात तैयार करा लिया हूं, लेकिन वकील को देने के लिए 15 सौ रुपये नहीं है। पैसों का इंतजाम होते ही बहन की जमानत हो जायेगी। वहीं चाइल्ड लाइन भटके बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के कोर्ट में प्रस्तुत करेगा। सीवीसी ही बच्चों की सुपुर्दगी का फैसला करेगा। अगर कोर्ट को बच्चों के मामा पर भरोसा नहीं हुआ तो वह बच्चों को बाल गृह में भेज सकता है।
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ददरी मेला में भटकता मिला बच्चा
बलिया। चाइल्ड लाइन को एक अबोध छह साल का बच्चा मंगलवार को ददरी मेला में मिला है। बच्चा मेला में रोते हुए इधर-उधर भटक रहा था। बच्चा अपने मां-बाप का नाम व पता बताने में असमर्थ है। चाइल्ड लाइन इसे भी सीडब्ल्यूसी कोर्ट में पेश करेगा।
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