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Ballia News: जिले के 50 फीसदी पेट्रोल पंप हुए ड्राई, तेल लेने के लिए लग रही कतारें

Tue, 02 Jan 2024 10:19 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jan 2024 10:19 PM IST
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50 percent of petrol pumps in the district are dry, queues are forming to get oil
नए वाहन हिट एंड रन कानून के विरोध में वाहनों की हड़ताल का असर धीरे-धीरे मूलभूत सुविधाओं को अपने आगोश में लेने लगा है। आलम यह है कि जिले में संचालित करीब 50 फीसदी पेट्रोल पंप मंगलवार को देर शाम तक या तो ड्राई हो गए या फिर उनके यहां स्टाक निल का बोर्ड लटक गया। कुछ ऐसा ही हाल रसोई गैस की आपूर्ति करने वाले एजेंसी संचालकों का है। तीन दिन से आपूर्ति बाधित होने के उनके द्वारा जरूरतमंदों उपभोक्ताओं को ही आपूर्ति की जा रही। घर में स्टाक रखने वालों को गैस सिलिंडर की आपूर्ति करने से मना कर दिया जा रहा है।
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एलपीजी डीलर संघ, बलिया के प्रशांत पाठक ने बताया कि वाहन चालकों की हड़ताल और रविवार को अवकाश और सोमवार से चल रही हड़ताल के कारण गैस सिलिंडरों की आपूर्ति तीन दिन से ठप है। ऐसे में जो स्टाक है उससे आपूर्ति की जा रही है। लेकिन वो भी बुधवार को समाप्त होने के आसार है। उधर, पेट्रोल और डीजल की स्थिति को लेकर जिले में हाहाकार मचा है। मंगलवार को देर शाम तक शहर से लगायत देहात क्षेत्रों में लोगों पंपों पर लाइन लगाकर तेल लेते देखे गए। इससे शहर समेत देहात क्षेत्रों के करीब 50 प्रतिशत पेट्रोल पंप या तो ड्राई हो गए या फिर तेल की आपूर्ति बाधित होने से सप्लाई बंद कर दिया और स्टाक निल होने का बोर्ड लटका दिया। पंप संचालक कन्हैया ने बताया कि उनके यहां एक दिन का स्टाक था, लेकिन मंगलवार को दिन में लोगों ने लाइन लगाकर तेल की खरीद की, जिससे पंप ड्राई हो गया है। यह स्थिति बासंडीह तहसील क्षेत्र के लगभग सभी पंपों की है। वहीं, पंप संचालक सुशील कुमार ने बताया कि उनके यहां अब मात्र एक दिन का ही स्टाक बचा है। उसी से काम चलाया जा रहा है। उधर, शहर के परिखरा में स्थित मंडी समिति में भी वाहन चालकों की हड़ताल का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। मंडी व्यापारी भोला ने बताया कि पहले जहां रोज गैर जनपदों और प्रदेशों से दर्जन भर बड़ी गाड़ियां फल और सब्जी लेकर आती थी, उनका आना बंद हो गया है। मंगलवार को एक-दुक्का छोटी गाड़िया ही आई, जिससे फलों और सब्जियों की आपूर्ति कम हो गई है। इससे फलों और सब्जियों के भाव भी बढ़ गए हैं।
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आपदा को अवसर में बदलने में जुटे लोग
एक ओर जहां वाहन चालकों की हड़ताल से मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति समेत पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं कुछ ऐसे भी लोग है जो पेट्रोल पंपों से डीजल और पेट्रोल खरीदकर उसका संग्रह कर रहे है ताकि पेट्रोल पंपों के ड्राई होने की स्थिति में उसे उंचे दामों पर बेचा जा सके। बांसडीहरोड क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर तैनात एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मंगलवार को करीब दर्जनभर लोगों ने दस से बीस हजार रुपये तक पेट्रोल और डीजल की खरीदारी की।
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आकड़ों पर एक नजर
जिले में कुल पेट्रोल पंप की सं: 139
ड्राई हुए पेट्रोल पंप की सं: 65
रसोई गैस एजेंसी की सं: 55
जिले में करीब 139 पेट्रोल पंप संचालित है। प्रत्येक पेट्रोल पर फिलहाल पर्याप्त मात्रा में तेल का स्टाक है। कुछ पेट्रोल पंप संचालकों के तकनीकि समस्या के कारण दिन तेल आपूर्ति में बाधा आई थी जिसे दूर कर दिया गया है। रसोई गैस सिलिंडर की 55 एजेंसियां संचालित है, जिनके यहां एक सप्ताह तक आपूर्ति करने स्टाक मौजूद है।
रामजतन यादव, जिला पूर्ति अधिकारी।
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