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ट्रेन में छूटे सूटकेश को लेने जीआरपी पहुंचा यात्री
Updated Sat, 20 Oct 2018 11:12 PM IST
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बलिया। बलिया के रास्ते जयनगर से दिल्ली जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में 12 अक्तूबर की रात बम की सूचना के बाद हड़कंप मच गया था। इसकी जानकारी होते ही ट्रेन में चल रहे जीआरपी के जवानों ने लावारिस सूटकेस को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया था। खोजबीन के बाद बांसडीहरोड की पुलिस ने सूटकेस को अपने कब्जे में ले लिया था। जिसे लेने के लिए बिहार प्रांत के जोगिया, थाना पुपरी जनपद सीतामढ़ी निवासी मुहम्मद शनिवार को जीआरपी थाने पहुंचा, जहां आरपीएफ व जीआरपी प्रभारी ने संयुक्त रूप से पूछताछ किया। पूछताछ से संतुष्ट होने के बाद कागजी कार्रवाई कर उसे बांसडीहरोड थाने भेज दिया।
जीआरपी प्रभारी आरके मिश्र ने बताया कि मुहम्मद ने पूछताछ में बताया कि वह जनपद सीतामढ़ी से अपने साथी के बेटे के साथ 12 अक्तूबर को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एस-टू बोगी से दिल्ली जा रहा था। रात में सूटकेस अपने दोस्त के बेटे के पास छोड़ दूसरे सीट पर जाकर सो गया था। उधर, सूटकेस से कुछ आवाज आई। जिसे यात्रियों ने ट्रेन में चल रहे जीआरपी को सूचना दी। जिसके बाद जीआरपी के जवानों ने बोगी में यात्रियों से पूछताछ करने के बाद लावारिस पाकर बांसडीहरोड स्टेशन से कुछ दूर सूटकेस को ट्रेन से बाहर फेंक बलिया से लेकर वाराणसी जीआरपी को सूचना दे दी थी। जिसके बाद बलिया स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन का घंटों छानबीन करने के बाद आगे के लिए रवाना कर दिया था। उधर, वाराणसी में पहले अलर्ट जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन से सभी यात्रियों को नीचे उतरवाया। जिसमें मुहम्मद भी शामिल था। जब सूटकेस में बम होने की जानकारी मुहम्मद को हुई तो उसने वाराणसी जीआरपी से अपना सूटकेस होना बताया था। जिसके बाद मुहम्मद से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसका आईडी व मोबाइल नंबर लिया और कागजी कोरम पूरा कर छोड़ दिया। ा। इसके बाद मुहम्मद दिल्ली चला गया। शनिवार को वह बलिया जीआरपी थाने पहुंचा, जहां जीआरपी व आरपीएफ प्रभारी ने संयुक्त रूप से पूछताछ करने के बाद संतुष्ट हुए और कागजी कोरम पूरा कर बांसडीहरोड थाने पर उसे सूटकेस लेने के लिए भेज दिया।
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जीआरपी प्रभारी आरके मिश्र ने बताया कि मुहम्मद ने पूछताछ में बताया कि वह जनपद सीतामढ़ी से अपने साथी के बेटे के साथ 12 अक्तूबर को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एस-टू बोगी से दिल्ली जा रहा था। रात में सूटकेस अपने दोस्त के बेटे के पास छोड़ दूसरे सीट पर जाकर सो गया था। उधर, सूटकेस से कुछ आवाज आई। जिसे यात्रियों ने ट्रेन में चल रहे जीआरपी को सूचना दी। जिसके बाद जीआरपी के जवानों ने बोगी में यात्रियों से पूछताछ करने के बाद लावारिस पाकर बांसडीहरोड स्टेशन से कुछ दूर सूटकेस को ट्रेन से बाहर फेंक बलिया से लेकर वाराणसी जीआरपी को सूचना दे दी थी। जिसके बाद बलिया स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन का घंटों छानबीन करने के बाद आगे के लिए रवाना कर दिया था। उधर, वाराणसी में पहले अलर्ट जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन से सभी यात्रियों को नीचे उतरवाया। जिसमें मुहम्मद भी शामिल था। जब सूटकेस में बम होने की जानकारी मुहम्मद को हुई तो उसने वाराणसी जीआरपी से अपना सूटकेस होना बताया था। जिसके बाद मुहम्मद से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसका आईडी व मोबाइल नंबर लिया और कागजी कोरम पूरा कर छोड़ दिया। ा। इसके बाद मुहम्मद दिल्ली चला गया। शनिवार को वह बलिया जीआरपी थाने पहुंचा, जहां जीआरपी व आरपीएफ प्रभारी ने संयुक्त रूप से पूछताछ करने के बाद संतुष्ट हुए और कागजी कोरम पूरा कर बांसडीहरोड थाने पर उसे सूटकेस लेने के लिए भेज दिया।
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