{"_id":"5b01afb54f1c1bea408b69c3","slug":"41526837173-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटा-बेटी के साथ पिता इमरजेंसी के बाहर धरने पर बैठा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटा-बेटी के साथ पिता इमरजेंसी के बाहर धरने पर बैठा
Updated Sun, 20 May 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। जिला अस्पताल में रविवार को पुत्री एवं पुत्र का इलाज कराने आए एक पिता ने अस्पताल की व्यवस्था से परेशान होकर इमरजेंसी के बाहर धरना दिया। धरने की खबर सुन कर अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई। सीएमएस एवं अन्य चिकित्सक पीड़ित के पास पहुंच गए और माफी मांगने के साथ ही दोषी चिकित्सक एवं कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पीड़ित धरने पर से हटा। दुबहड़ गांव निवासी राजेश मिश्रा अपनी पुत्री आशु (15) व पुत्र आशुतोष (12) की तबियत खराब होने पर रविवार को अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा। इमरजेंसी में जांच के बाद ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने बाहर से दवा खरीद लेने की बात कही। जिस पर राजेश मिश्रा ने अस्पताल से ही दवा देने की बात कही। इस पर चिकित्सक ने दवा नहीं होने की बात कह जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने की बात कही। इससे नाराज होकर राजेश अपने बेटा-बेटी के साथ इमरजेंसी के सामने धरने पर बैठ गया और जनप्रतिनिधियों के आने के बाद धरने से उठने की बात पर अड़ गया। इमरजेंसी के सामने धरने की बात सुन अस्पताल प्रशासन उसे मनाने में लग गया। पीड़ित ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि शुक्रवार को भी मैं अपने पुत्री आशु को लेकर इमरजेंसी में पहुंचा था। जहां तैनात चिकित्सक ने बाहर की दो हजार की दवा लिखकर भर्ती कर दिया और शाम को छुट्टी भी दे दिया। जबकि मरीज की हालत में सुधार भी नहीं हुआ। इसके बाद मैंने किसी दूसरे डॉक्टर से दिख लाने के लिए अनुरोध किया। लेकिन उसने मेरी एक न सुनी। तत्पश्चात सीएमएस के चैंबर में जाकर आपबीती सुनाई तो उन्होंने भी डॉक्टर की कमी का रोना रोते हुए जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने की बात कही। जिसके बाद जनप्रतिनिधियों को बुलाने के लिए इमरजेंसी के सामने धरने पर बैठना पड़ा। इस बाबत सीएमएस डाक्टर शिव प्रसाद ने बताया कि जैसे ही धरने की खबर सुना वैसे ही तत्काल इमरजेंसी के बाहर बैठे पीड़ित से मिला और उनको समझा बुझाकर धरने से उठाया। मरीजों का इलाज करना हमारी पहली प्राथमिकता है। इस मामले की जांच करायेंगे, जो भी दोषी चिकित्सक होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन