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33 लाख की आबादी पर तीन अग्निशम केंद्र

Mon, 26 Mar 2018 11:32 PM IST
Updated Mon, 26 Mar 2018 11:32 PM IST
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33 लाख की आबादी पर तीन अग्निशम केंद्र
गर्मी की दस्तक के साथ ही आग की घटनाएं बढ़ गई है। अग्निशमन विभाग में पर्याप्त संसाधन न होने के कारण आग पर काबू पाना काफी मुश्किल है। कारण कि जिले की करीब 33 लाख आबादी के लिए जिला मुख्यालय सहित कुल तीन अग्निशमन केंद्र स्थापित है। जबकि बैरिया में निर्माणाधीन है। वहीं, विभाग में चालकों का अभाव भी है। ऐसे में आग पर काबू पाना मुश्किलों भरा होगा।
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जनपद दो नदियों से घिरा हुआ है। यहां के लोगों की मुख्य जीविका खेती है। लेकिन खेती पर गंगा और घाघरा नदी की विनाशकारी लीला लहरों के साथ ही आग का कहर भी जारी रहता है। बाढ़ और आग प्रतिवर्ष लोगों को दर्द दे जाती है। इससे से नरहीं थाना क्षेत्र के दर्जनों गांव, बैरिया व दोकटी थाना क्षेत्र के सैकड़ों गांव तथा रेवती, सहतवार, सिकंदरपुर, मनियर व बेल्थरारोड तहसील के सैकड़ों गांव प्रभावित होते हैं। सबसे बुराहल कटान पीड़ितों का है। आग से निबटने के लिए जिला मुख्यालय, रसड़ा व बांसडीह में अग्निशमन केंद्र स्थापित है। जबकि बैरिया क्षेत्र में एक केंद्र निर्माणाधीन है। वहीं बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के निछुहाडीह तथा सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के गौरामदनपुरा गांव में अग्निशमन केंद्र के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसके लिए जमीन आवंटित हो चुकी है। बस शासन से धन स्वीकृति होने का इंतजार है।
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इसके अलावा सदर तहसील क्षेत्र के नरहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीन को देखा गया है। लेकिन परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग से अनुमति मिलने का इंतजार है। वहीं नगर में कुल 30 हाईड्रेंट स्थापित है। लेकिन एक-दो को छोड़कर सभी सड़क में दब गए है। नगर पालिका व जलनिमग इसके प्रति पूरी तरह निष्क्रियता बरत रहा। वहीं, गांवों में तालाब व पोखरे के साथ ही रास्तों का भी अभाव आग बुझाने में बाधा बनता है।
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इनसेट...
14 वाहन, पांच चालक
बलिया। अग्निशमन विभाग के पास छोटी-बड़ी कुल 10 गाडिय़ां है। जिसमें छह फायर टैंकर, चार बोलेरो व चार हाई प्रेशर हैं। इसके अलावा 10 पंप है। लेकिन चालक मात्र पांच है। जो पूरे जनपद को कवर करते है। जिला मुख्यालय पर चार फायर टैंकर व चार छोटी गाडियां है। जबकि रसड़ा में एक बड़ी, एक छोटी व एक हाई प्रेशर वाहन और बांसडीह में एक बड़ी, एक छोटी व एक हाई प्रेशर वाहन है। लेकिन चालक एक-एक है। वर्तमान में कम से कम छह चालक अग्रिशमन विभाग को मिल जाय तो पूरे जिले को आसानी से कवर किया जा सकता है।

इनसेट...
बकाये के कारण नहीं मिल रहा डीजल व पेट्रोल
बलिया। विभागीय सूत्रों की माने तो अग्निशमन केंद्र की वाहनों को डीजल व पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। कारण कि डीजल व पेट्रोल का लाखों रुपया बकाया है। जिसके चलते संबंधित पेट्रोल पंप संचालक डीजल व पेट्रोल देने से इंकार कर दिया है।


कोट
अग्निशमन विभाग में चालक की काफी कमी है। कम से कम छह चालक मिल जायच तो काफी हद तक नुकसान को रोका जा सकता है। चालक के लिए पुलिस अधीक्षक से लेकर विभाग के अधिकारियों से बार-बार मांग की जा रही है। बड़े वाहनों की अधिकतम स्पीड 40 से 45 ही होती है। इससे अधिक स्पीड बढ़ाने पर पलटने का डर रहता है।
= तबारक हुसैन
मुख्य अग्रिशमन अधिकारी
बलिया
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