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Ballia News: बाढ़ में बहा एनएच-31 का 40 मीटर हिस्सा

Fri, 20 Sep 2024 06:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2024 06:05 AM IST
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40 meter portion of NH-31 washed away in flood
जयप्रकाश नगर। सरयू नदी की बाढ़ मेें बुधवार की रात एक बजे चांददीयर पुलिस चौकी से करीब 200 मीटर दूर से गुजरे एनएच-31 (बैरिया-माझी मार्ग) का 40 मीटर हिस्सा बह गया। इससे जिले से मांझी पुल का संपर्क टूट गया है। चांद दियर पंचायत के छह से अधिक पुरवों के साथ ही यूपी का बिहार से भी सीधा संपर्क टूट गया है।
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यादव नगर बस्ती में बाढ़ का पानी घुस गया है। करीब 3000 की आबादी बाढ़ में घिर गई। रात में बस्ती में पानी घुसने पर लोगों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीण अपना सामान समेट कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी में जुट गए। एनएच कटने के तीन घंटे बाद एनडीआरएफ की टीम पहुंची। टीम ने दो नावों से बाढ़ प्रभावित 10 से अधिक परिवारों को बाहर निकाला। जिले में 50 साल बाद इतनी बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में आई है।
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उपजिलाधिकारी बैरिया सुनील कुमार ने बताया कि करीब 50 साल से यादव नगर बस्ती में बाढ़ का पानी नहीं गया था। इससे किसी को बाढ़ का अंदेशा तक नहीं था। किसी को उम्मीद नहीं थी कि सड़क टूटेगी और बाढ़ का पानी घरों में घुस जाएगा। वहीं, क्षेत्र के समाजसेवी दुर्गविजय सिंह झल्लन ने बताया कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान सड़क के दोनों किनारे पर गड्ढे खोदे गए थे। पेड़ जड़ से उखाड़ दिए गए। यही एनएच-31 के कटने का मुख्य कारण है।
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एनएच कटने से बिहार, झारखंड, बंगाल सहित कई राज्यों के वाहनों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है। एनएच-31 के दो हिस्से में कटने पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा जनपद की भौगोलिक स्थिति से पहले ही शासन को अवगत कराया गया था। इसके बावजूद शासन- प्रशासन की ओर से कोई उपाय नहीं किए गए। शासन-प्रशासन की लापरवाही से जनपद के कई हिस्सों में बाढ़ से आमजन परेशान हैं। उधर, बैरिया के चाईछपरा गांव के सामने पुरानी रेलवे लाइन से 48 घंटे बाद भी बाढ़ के पानी का रिसाव जारी है। अवर अभियंता रजनीकांत राय ने बताया कि बाढ़ खंड के मजदूर मरम्मत में जुटे हैं। रिसाव बंद करने के लिए बोरियों में गिट्टी, बालू डालकर रिसाव को बंद करने का काम चल रहा है।
बाढ़ का पानी घुसने के बाद तैरकर बाहर निकले : यादव बस्ती निवासी वीरेंद्र चौधरी, हरेंद्र चौधरी, सुरेंद्र चौधरी, भकोल चौधरी, श्रीपति चौधरी, लक्ष्मण चौधरी ने बताया कि बस्ती में बाढ़ का पानी घुसने के बाद वे तैरकर परिवार के साथ बाहर निकले। रात में ही बीएसटी बांध पर अस्थायी ठिकाना बनासर। बृहस्पतिवार सुबह नाव से सामान लेकर अस्थायी ठिकाने पर ले गए। सैकड़ों लोगों ने बीएसटी बंधे पर परिवार सहित शरण ली है। कई परिवार छतों पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। बताया कि बस्ती में गांव में चार से लेकर दस फीट तक पानी का जमाव है। कई लोगों के मवेशी बह गए।


15 हजार लोगों के मकानों में बाढ़ का पानी : बैरिया। सरयू नदी के बाढ़ का पानी पूरे उत्तरी दीयरांचल में फैल गया है। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल व रास्ते बाढ़ के पानी से डूब गए हैं। 15 हजार लोगों के मकानों में बाढ़ का पानी भर गया है। शिवाल के प्रधान परमात्मा गोड़ ने बताया कि पूरा शिवाल भी बाढ़ प्रभावित है। मानगढ़ निवासी बच्चा यादव ने बताया कि गांव के एक हजार लोगों का मकान बाढ़ के पानी से घिर गया है। दीयरांचल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं, उत्तरी दीयरांचल की रामबालक बाबा सेतु-गोपालनगर मुख्य सड़क सरयू नदी के बाढ़ के पानी में डूब गई है। इससे आवागमन ठप हो गया है। इस सेतु से गोपालनगर, वशिष्ठ नगर, शिवाल मठिया व मानगढ़ के 50 हजार लोग आवागमन करते हैं।
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