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फूंके हैं 39 ट्रांसफार्मर, हजारों लोग हैं बेहाल
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 22 Jul 2015 12:17 AM IST
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नगर सहित ग्रामीण इलाके में इन दिनों ट्रांसफार्मर जलने का क्रम जारी है। पिछले छह महीने में अलग-अलग जगहों पर कुल 39 ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। इसके चलते दर्जनों गांव में रहने वाली लाखों की आबादी अंधेरे में रहने को विवश है। इतना ही नहीं इसकी वजह से उद्योग-धंधे भी प्रभावित हो रहे हैं। विभागीय अफसरों की उदासीनता के कारण महीनों बीतने के बाद भी अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा रहा है। इस मामले में विभागीय अधिकारियों का रवैया बहुत गैर जिम्मेवाराना है। उनका कहना है कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल बहुत कम ट्रांसफार्मर जले हैं। ट्रांसफार्मरों को मरम्मत कर आवश्यकतानुसार लगाया जा रहा है।
जिले के अलग-अलग हिस्सों में प्रतिदिन दो से चार ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। जले हुए ट्रांसफार्मर गांव के लोग खुद के खर्च से जिला मुख्यालय पर स्थित विद्युत विभाग के स्टेार में पहुंचाते हैं। इतना ही नहीं ट्रांसफार्मर लेने के लिए भी उन्हें चंदा इकट्ठा कर वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। जबकि कई गांवों में एक से डेढ़ माह तक ट्रांसफार्मरों को बदलने में लगा दिया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को हर दो चार दिन पर जिला मुख्यालय पहुंच ट्रांसफार्मरों के आने की जानकारी लेनी पड़ती है।
विभाग के जानकारों की माने तो वर्तमान समय में 400 केवीए के दो, 100 केवीए का एक, 63 केवीए का 16, 10 केवीए का 20 ट्रांसफार्मर जले पड़े हैं। ऐसे में इन ट्रांसफार्मरों के जले रहने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ता है। नगर के भृगुआश्रम में 100 केवीए का एक, नगर के आनंद नगर में 63 केवीए का एक ट्रांसफार्मर करीब 10 दिनों से जला हुए हैं। जबकि बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के कसबा में 250 केवीए, भुआरी गांव में 63 केवीए, पतनारी गांव में 100 केवीए, मसांव गांव में 63 केवीए का ट्रांसफार्मर करीब 10-15 दिनों से जला पड़ा है। इसी तरह से बैरिया तहसील क्षेत्र के कसबा में 63 केवीए का एक, रानीगंज में 100 केवीए का एक, तथा आसपास के गांवों में 10-10 केवीए का ट्रांसफार्मर करीब एक सप्ताह से अधिक दिनों से जला पड़ा है।
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इसी तरह रसड़ा कसबा में कई वार्डों में 10 एवं 63 केवीए के ट्रांसफार्मर जले पड़े हैं। इसके लिए ग्रामीणों ने विभाग के आला अधिकारियों से कई बार मिलकर शिकायत भी की। लेकिन अब तक उन गांवों में ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए। ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से करीब 70 से 80 हजार की आबादी प्रभावित है। बावजूद इनकी सुनने वाला कोई नहीं है। ट्रांसफार्मर लेने आए लोगों से बातचीत करने पर बताया कि कई सप्ताह से स्टेार का चक्कर काट रहे है। लेकिन अब तक ट्रांसफार्मर मुहैया नहीं कराया गया।
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जिले के अलग-अलग हिस्सों में प्रतिदिन दो से चार ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। जले हुए ट्रांसफार्मर गांव के लोग खुद के खर्च से जिला मुख्यालय पर स्थित विद्युत विभाग के स्टेार में पहुंचाते हैं। इतना ही नहीं ट्रांसफार्मर लेने के लिए भी उन्हें चंदा इकट्ठा कर वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। जबकि कई गांवों में एक से डेढ़ माह तक ट्रांसफार्मरों को बदलने में लगा दिया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को हर दो चार दिन पर जिला मुख्यालय पहुंच ट्रांसफार्मरों के आने की जानकारी लेनी पड़ती है।
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विभाग के जानकारों की माने तो वर्तमान समय में 400 केवीए के दो, 100 केवीए का एक, 63 केवीए का 16, 10 केवीए का 20 ट्रांसफार्मर जले पड़े हैं। ऐसे में इन ट्रांसफार्मरों के जले रहने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ता है। नगर के भृगुआश्रम में 100 केवीए का एक, नगर के आनंद नगर में 63 केवीए का एक ट्रांसफार्मर करीब 10 दिनों से जला हुए हैं। जबकि बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के कसबा में 250 केवीए, भुआरी गांव में 63 केवीए, पतनारी गांव में 100 केवीए, मसांव गांव में 63 केवीए का ट्रांसफार्मर करीब 10-15 दिनों से जला पड़ा है। इसी तरह से बैरिया तहसील क्षेत्र के कसबा में 63 केवीए का एक, रानीगंज में 100 केवीए का एक, तथा आसपास के गांवों में 10-10 केवीए का ट्रांसफार्मर करीब एक सप्ताह से अधिक दिनों से जला पड़ा है।
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इसी तरह रसड़ा कसबा में कई वार्डों में 10 एवं 63 केवीए के ट्रांसफार्मर जले पड़े हैं। इसके लिए ग्रामीणों ने विभाग के आला अधिकारियों से कई बार मिलकर शिकायत भी की। लेकिन अब तक उन गांवों में ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए। ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से करीब 70 से 80 हजार की आबादी प्रभावित है। बावजूद इनकी सुनने वाला कोई नहीं है। ट्रांसफार्मर लेने आए लोगों से बातचीत करने पर बताया कि कई सप्ताह से स्टेार का चक्कर काट रहे है। लेकिन अब तक ट्रांसफार्मर मुहैया नहीं कराया गया।