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बारिश का खेती पर पड़ रहा असर
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:09 AM IST
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बलिया। जनपद में इस सीजन में अब तक हुई बारिश कुछ फसलों के लिए फायदेमंद तो कुछ के लिए नुकसानदायक भी रही। कृषि विभाग का दावा है कि किसानों को फसल बीमा योजना के तहत लाभ मिलेगा। बरसात के बाद फसलों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट भेजा जाएगा।
पिछले से एक माह से रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते कमोवेश सभी तरह की फसलों को क्षति पहुंची है। कृषि विभाग की ओर से खरीफ में धान की खेती के लिए कुल एक लाख 17 हजार 36 हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लेकिन शुरुआती जून व जुलाई में बारिश नहीं होने के कारण किसान परेशान रहे और धान की रोपाई भी बाधित रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जून महीने में सामान्य वर्षा 110.6 मिमी के सापेक्ष मात्र 2.16 मिमी व जुलाई महीने में सामान्य वर्षा 279.3 मिमी के सापेक्ष 8.065 मिमी बारिश हुई। जुलाई माह तक महज 22 फीसदी ही धान की रोपाई हो सकी थी। अगस्त माह की शुरुआत से बारिश शुरू हुई तो किसानों के चेहरे खिल गए और कई इलाकों में तेजी से धान की रोपाई भी की गई। लेकिन यह बारिश रुक-रुक कर लगातार होती रही। हालांकि धान की खेती को बारिश ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकी है। लेकिन इसके अलावा खरीफ की अन्य फसल मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, अरहर आदि की फसलों को बारिश ने बर्बाद कर दिया है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में किसान मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, अरहर आदि की बुआई भी नहीं कर सके।
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पिछले से एक माह से रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते कमोवेश सभी तरह की फसलों को क्षति पहुंची है। कृषि विभाग की ओर से खरीफ में धान की खेती के लिए कुल एक लाख 17 हजार 36 हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लेकिन शुरुआती जून व जुलाई में बारिश नहीं होने के कारण किसान परेशान रहे और धान की रोपाई भी बाधित रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जून महीने में सामान्य वर्षा 110.6 मिमी के सापेक्ष मात्र 2.16 मिमी व जुलाई महीने में सामान्य वर्षा 279.3 मिमी के सापेक्ष 8.065 मिमी बारिश हुई। जुलाई माह तक महज 22 फीसदी ही धान की रोपाई हो सकी थी। अगस्त माह की शुरुआत से बारिश शुरू हुई तो किसानों के चेहरे खिल गए और कई इलाकों में तेजी से धान की रोपाई भी की गई। लेकिन यह बारिश रुक-रुक कर लगातार होती रही। हालांकि धान की खेती को बारिश ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकी है। लेकिन इसके अलावा खरीफ की अन्य फसल मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, अरहर आदि की फसलों को बारिश ने बर्बाद कर दिया है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में किसान मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, अरहर आदि की बुआई भी नहीं कर सके।
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