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सीवेज चालू नहीं होने के कारण शहरवासी झेल रहे फजीहत
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:23 PM IST
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बलिया। जिले में करोड़ों की लागत से बना सीवेज सिस्टम सालों बाद भी चालू नहीं होने के कारण शहरवासियों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। पूरे शहर में नालियां बजबजा रही हैं और गंदगी के चलते लोग परेशान हैं। अब मानसून करीब है और नालियों के जाम के चलते शहरवासियों की चिंता भी बढ़ गई है।
शहर को गंदगी व नालियों से मुक्ति दिलाने के लिए वर्ष 2006-07 में सीवेज निर्माण का कार्य शुुरु किया गया। बतौर कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से पूरे शहर में सीवेज पाइप डाला गया और जगह-जगह होल बनाकर उसे ढंका गया ताकि जब भी जरुरत पड़े सीवेज की साफ-सफाई आदि का काम किया जा सके। जल निगम के अधिशासी अभियंता की मानें तो सीवेज निर्माण का काम वर्ष 2010-11 में 64 करोड़ की लागत से कार्य पूरा हो गया। लेकिन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन नहीं मिलने चलते छह सालों तक विभाग को जूझना पड़ा। उन्होंने बताया कि काफी प्रयास के बाद शहर से कुछ दूर छोड़हर गांव में एसटीपी के लिए जमीन मिल सकी है और इसका निर्माण भी शुरू करा दिया गया है। एक्सईएन की मानें तो एसटीपी निर्माण में कुल लागत 24 करोड़ की है, जो विभाग के पास उपलब्ध है। बताया कि जल्द इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस बीच छह सालों में सीेवेज पाइप के लिए खोदे गए गड्ढे को भरकर सड़क का निर्माण करा दिया गया है। शहर के अधिकांश स्थानों पर तो इस कदर सड़क निर्माण कराया गया है कि सीवेज होल व उसके ढक्कन खोजना बड़ा मुश्किल होगा। एक ओर सालों बाद भी सीवेज चालू नहीं हो सका वहीं दूसरी ओर नगरपालिका की ओर से पानी निकासी को लेकर माकूल इंतजाम नहीं किए गए हैं। शहर की अधिकांश नालियां बजबजा रही हैं जाम होने के कारण उनका बहाव रुका हुआ है। ऐसे में बारिश होते ही विभिन्न मुहल्लों में जलजमाव हो जाता है।
सीवेज को चालू कराने के लिए 60 करोड़ की है जरुरत
बलिया। जल निगम के अधिशासी अभियंता फणिन्द्र राय ने बताया कि 64 करोड़ की लागत से बने सीवेज व 24 करोड़ की लागत से बन रहे एसटीपी को पूरी तरह चालू करने में अभी 60 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। बताया कि इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। बताया धन मिलते ही संबंधित कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
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शहर को गंदगी व नालियों से मुक्ति दिलाने के लिए वर्ष 2006-07 में सीवेज निर्माण का कार्य शुुरु किया गया। बतौर कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से पूरे शहर में सीवेज पाइप डाला गया और जगह-जगह होल बनाकर उसे ढंका गया ताकि जब भी जरुरत पड़े सीवेज की साफ-सफाई आदि का काम किया जा सके। जल निगम के अधिशासी अभियंता की मानें तो सीवेज निर्माण का काम वर्ष 2010-11 में 64 करोड़ की लागत से कार्य पूरा हो गया। लेकिन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन नहीं मिलने चलते छह सालों तक विभाग को जूझना पड़ा। उन्होंने बताया कि काफी प्रयास के बाद शहर से कुछ दूर छोड़हर गांव में एसटीपी के लिए जमीन मिल सकी है और इसका निर्माण भी शुरू करा दिया गया है। एक्सईएन की मानें तो एसटीपी निर्माण में कुल लागत 24 करोड़ की है, जो विभाग के पास उपलब्ध है। बताया कि जल्द इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस बीच छह सालों में सीेवेज पाइप के लिए खोदे गए गड्ढे को भरकर सड़क का निर्माण करा दिया गया है। शहर के अधिकांश स्थानों पर तो इस कदर सड़क निर्माण कराया गया है कि सीवेज होल व उसके ढक्कन खोजना बड़ा मुश्किल होगा। एक ओर सालों बाद भी सीवेज चालू नहीं हो सका वहीं दूसरी ओर नगरपालिका की ओर से पानी निकासी को लेकर माकूल इंतजाम नहीं किए गए हैं। शहर की अधिकांश नालियां बजबजा रही हैं जाम होने के कारण उनका बहाव रुका हुआ है। ऐसे में बारिश होते ही विभिन्न मुहल्लों में जलजमाव हो जाता है।
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सीवेज को चालू कराने के लिए 60 करोड़ की है जरुरत
बलिया। जल निगम के अधिशासी अभियंता फणिन्द्र राय ने बताया कि 64 करोड़ की लागत से बने सीवेज व 24 करोड़ की लागत से बन रहे एसटीपी को पूरी तरह चालू करने में अभी 60 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। बताया कि इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। बताया धन मिलते ही संबंधित कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
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