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कैंपस से बाहर के स्कूलों का भी कर दिया संविलियन
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सुखपुरा। योगी सरकार ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने व शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए कुछ नियम लागू किए। इसके तहत सूबे में एक ही परिसर में चलने वाले प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों के विलय का शासनादेश जारी किया। लेकिन इसमें भी मनमानी की जा रही है। शासन की ओर से निर्देश जारी किया गया था कि एक परिसर में स्थित प्राथमिक स्कूूल व जूनियर हाईस्कूल का संविलियन कर एक प्रधानाध्यापक को जिम्मेदारी दी जाएगी। लेकिन इसमें भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खूब मनमानी की है।
क्षेत्र में कई ऐसे प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल का संविलियन किया गया है जो एक कैंपस में नहीं हैं। इसके चलते एक प्रधानाध्यापक को दो स्कूलों को संभालना आसान नहीं रह जाएगा। बतौर उदाहरण सुखपुरा प्राथमिक विद्यालय नम्बर एक व हरिनन्दन सिंह जूनियर हाईस्कूल का संविलिय किया गया है जो अलग-अलग कैंपस में हैं। इसके अलावा सुल्तानपुर का प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाईस्कूल, गांधी नगर के प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाईस्कूल आदि कई ऐसे विद्यालयों का संविलियन किया गया है जिसके परिसर अलग-अलग हैं। बताया जाता है कि अधिकारियों की मनमानी का दंश प्रधानाध्यापकों के साथ ही छात्रों को भी झेलना होगा।
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क्षेत्र में कई ऐसे प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल का संविलियन किया गया है जो एक कैंपस में नहीं हैं। इसके चलते एक प्रधानाध्यापक को दो स्कूलों को संभालना आसान नहीं रह जाएगा। बतौर उदाहरण सुखपुरा प्राथमिक विद्यालय नम्बर एक व हरिनन्दन सिंह जूनियर हाईस्कूल का संविलिय किया गया है जो अलग-अलग कैंपस में हैं। इसके अलावा सुल्तानपुर का प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाईस्कूल, गांधी नगर के प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाईस्कूल आदि कई ऐसे विद्यालयों का संविलियन किया गया है जिसके परिसर अलग-अलग हैं। बताया जाता है कि अधिकारियों की मनमानी का दंश प्रधानाध्यापकों के साथ ही छात्रों को भी झेलना होगा।
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