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विधायक-डीआईओएस विवाद के अंदरखाने सुलग रही आग
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:24 AM IST
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बलिया। विधायक सुरेंद्र सिंह और डीआईओएस नरेंद्रदेव के बीच हुए विवाद को जिलाधिकारी ने भले ही शांत करा दिया। लेकिन मामला गंभीर होता जा रहा है। डीआईओएस ने जहां विधिक कार्रवाई करने व भाजपा नेता के दो संबंधियों की नियुक्ति प्रकरण की बात कह कर सनसनी फैला दी, वहीं विवाद के केंद्र बिंदु वाले स्कूल के प्रबंधक ने बुधवार को एकबार फिर डीआईओएस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए डीएम को तहरीर देकर पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देश देने की मांग की। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के प्रधान सहायक ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया है कि उनके पटल से संबंधित तीन अलमारियों को जिविनि की ओर से एक माह से सील कर दिया गया है। इसके चलते कार्य प्रभावित हो रहा है।
चार दिन पहले कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान बैरिया के विधायक सुरेंद्र सिंह के समर्थकों ने डीआईओएस नरेंद्र देव से धक्कामुक्की की थी। डीएम ने मामला शांत करा दिया। लेकिन अंदरखाने अब भी आग सुलग रही है। सूत्रों की मानें तो डीआईओएस ने 16 अगस्त को भाजपा के रसूखदार नेता के भतीजे समेत दो लोगों के खिलाफ एसपी को तहरीर दी। लेकिन इस मामले को जब स्कूल के प्रबंधक ने जेडी आजमगढ़ को अवगत कराया तो जेडी (ज्वाइंट डायरेक्ट) योगेंद्र कुमार ने 24 अगस्त को ही वेतन भुगतान के लिए मार्ग दर्शन मांगे जाने पर मुकदमा दर्ज करने के लिए जिविनि की ओर से तहरीर देने पर आपत्ति जताई। यह भी निर्देश दिया कि इस मामले का विधिवत परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करें लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि स्कूल के प्रबंधक ने बुधवार को एक बार फिर जिविनि पर मुकदमा दर्ज करने के लिए डीएम को तहरीर दी। उधर, जिविनि कार्यालय के प्रधान सहायक वीर बहादुर यादव ने मंगलवार को डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि वह 16 से 27 अगस्त तक चिकित्सकीय अवकाश पर थे और इसी बीच जिविनि ने उनके पटल से संबंधित तीन अलमारियों को सील कर दिया है।इसके चलते पटल से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसको लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जिविनि को अंदेशा है कि इन्हीं तीन अलमारियों में कई राज हैं और संबंधित बाबू इन पत्रावलियों में हेरफेर कर सकते हैं। हालांकि यह मामला भी अब डीएम के पाले में है और यहां भी उन्हें अलमारी खुलवाने के लिए मशक्कत करनी होगी।
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चार दिन पहले कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान बैरिया के विधायक सुरेंद्र सिंह के समर्थकों ने डीआईओएस नरेंद्र देव से धक्कामुक्की की थी। डीएम ने मामला शांत करा दिया। लेकिन अंदरखाने अब भी आग सुलग रही है। सूत्रों की मानें तो डीआईओएस ने 16 अगस्त को भाजपा के रसूखदार नेता के भतीजे समेत दो लोगों के खिलाफ एसपी को तहरीर दी। लेकिन इस मामले को जब स्कूल के प्रबंधक ने जेडी आजमगढ़ को अवगत कराया तो जेडी (ज्वाइंट डायरेक्ट) योगेंद्र कुमार ने 24 अगस्त को ही वेतन भुगतान के लिए मार्ग दर्शन मांगे जाने पर मुकदमा दर्ज करने के लिए जिविनि की ओर से तहरीर देने पर आपत्ति जताई। यह भी निर्देश दिया कि इस मामले का विधिवत परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करें लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि स्कूल के प्रबंधक ने बुधवार को एक बार फिर जिविनि पर मुकदमा दर्ज करने के लिए डीएम को तहरीर दी। उधर, जिविनि कार्यालय के प्रधान सहायक वीर बहादुर यादव ने मंगलवार को डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि वह 16 से 27 अगस्त तक चिकित्सकीय अवकाश पर थे और इसी बीच जिविनि ने उनके पटल से संबंधित तीन अलमारियों को सील कर दिया है।इसके चलते पटल से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसको लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जिविनि को अंदेशा है कि इन्हीं तीन अलमारियों में कई राज हैं और संबंधित बाबू इन पत्रावलियों में हेरफेर कर सकते हैं। हालांकि यह मामला भी अब डीएम के पाले में है और यहां भी उन्हें अलमारी खुलवाने के लिए मशक्कत करनी होगी।
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