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ो किसान का हित सोचेगा, वहीं देश पर राज करेगा
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:53 PM IST
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बांसडीह (बलिया)। किसान यूनियन संघ के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष चुने जाने पर संजय राय बुधवार को जनपद में किसानों ने जगह-जगह स्वागत किया। तत्पश्चात कस्बा स्थित डाक बंगला परिसर में बैठक आयोजित की गई। जहां नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष फूल मालाओं पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसान अनाज उगाता है और उसे सारे देशवासियों को खिलाता है। किसान अन्नदाता है। कहा कि किसानों के हित के प्रति जितनी भी सरकारें बोलती हैं। वह सिर्फ चुनाव के दौरान घोषणा पत्र व मंच तक ही सिमिट कर रह जाती है। धरातल पर ना ही कोई सरकार और ना ही कोई जनप्रतिनिधि किसानों के हित के बारे में कुछ करता है। कहा कि भाजपा की सरकार ने चुनाव के दौरान लघु एवं सीमांत किसानों के कर्ज माफी की बात कही थी। लेकिन किसान ऋण माफ़ी योजना के तहत तरह-तरह के नियम बनाकर एक लाख तक माफी का घोषणा किया। लेकिन वह भी आधा अधूरा ही रहा। ऐसी सरकार जिसने लाखों करोड़ों उद्योगपतियों के पल भर में कर्ज माफ कर दिया। वह किसानों के कर्ज माफ के लिए सोचना पड़ रहा है। एक तरफ किसान महंगाई तो दूसरी तरफ किसान प्राकृतिक की मार झेल रहा है। उधर कर्ज में दबे किसानों को बैंक प्रताड़ित कर रहे हैं। जिससे किसानों के पास आत्महत्या के अलावा और कोई चारा नहीं रह जाता है। कहा कि अब इस देश में वही राज करेगा जो किसानों की हित की सोचेगा।
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इस अवसर पर उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसान अनाज उगाता है और उसे सारे देशवासियों को खिलाता है। किसान अन्नदाता है। कहा कि किसानों के हित के प्रति जितनी भी सरकारें बोलती हैं। वह सिर्फ चुनाव के दौरान घोषणा पत्र व मंच तक ही सिमिट कर रह जाती है। धरातल पर ना ही कोई सरकार और ना ही कोई जनप्रतिनिधि किसानों के हित के बारे में कुछ करता है। कहा कि भाजपा की सरकार ने चुनाव के दौरान लघु एवं सीमांत किसानों के कर्ज माफी की बात कही थी। लेकिन किसान ऋण माफ़ी योजना के तहत तरह-तरह के नियम बनाकर एक लाख तक माफी का घोषणा किया। लेकिन वह भी आधा अधूरा ही रहा। ऐसी सरकार जिसने लाखों करोड़ों उद्योगपतियों के पल भर में कर्ज माफ कर दिया। वह किसानों के कर्ज माफ के लिए सोचना पड़ रहा है। एक तरफ किसान महंगाई तो दूसरी तरफ किसान प्राकृतिक की मार झेल रहा है। उधर कर्ज में दबे किसानों को बैंक प्रताड़ित कर रहे हैं। जिससे किसानों के पास आत्महत्या के अलावा और कोई चारा नहीं रह जाता है। कहा कि अब इस देश में वही राज करेगा जो किसानों की हित की सोचेगा।
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