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उज्जवला योजना में 14 महीने में मिला मुकाम
Updated Sun, 16 Jul 2017 10:51 PM IST
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बलिया। राष्ट्रपति ने उज्ज्वला योजना के तहत ढाई करोड़वां गैस सिलेंडर बांटा है। इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली मई 2016 को जिले के हैबतपुर में आयोजित समारोह में दस गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देकर किया था। 14 महीने के सफर में जिले के 92 हजार परिवारों को इसका लाभ दिया गया है। पीएम ने कहा था कि योजना के तहत पहले साल में डेढ़ करोड़ और अगले तीन सालों में पांच करोड़ गरीब परिवारों को कनेक्शन दिए जाएंगे। गैस की सब्सिडी का पैसा सीधे महिलाओं के खाते में भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि पहले की सरकारों ने गरीबों का नहीं बल्कि मतपेटियों को ध्यान में रखकर काम किया।
14 महीने पहले शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ वर्ष 2011 में किए गए सामाजिक आर्थिक गणना के तहत चिह्नित गरीबों को देने का किया गया। जनपद के लिए वर्ष 2016-17 में एक लाख गरीब परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए सेक डाटा के आधार पर पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से एजेंसीवार सूची उपलब्ध कराते हुए लक्ष्य तय कर गैस कनेक्शन वितरण करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद से लगातार गैस एजेंसियों की ओर से समय-समय पर गैस कनेक्शन बांटे गए। एलपीजी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार गौतम ने बताया कि जिले में कुल 42 गैस एजेंसियां हैं और प्रत्येक को लक्ष्य दिया गया था। बताया कि 85 फीसदी से अधिक लाभार्थियों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन बांटे जा चुके हैं। बताया कि सूची में दर्ज ऐसे लोग ही इस लाभ से वंचित रहे जो या तो स्थान बदल लिए या फिर वह संबंधित दस्तावेज नहीं दे सके।
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14 महीने पहले शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ वर्ष 2011 में किए गए सामाजिक आर्थिक गणना के तहत चिह्नित गरीबों को देने का किया गया। जनपद के लिए वर्ष 2016-17 में एक लाख गरीब परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए सेक डाटा के आधार पर पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से एजेंसीवार सूची उपलब्ध कराते हुए लक्ष्य तय कर गैस कनेक्शन वितरण करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद से लगातार गैस एजेंसियों की ओर से समय-समय पर गैस कनेक्शन बांटे गए। एलपीजी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार गौतम ने बताया कि जिले में कुल 42 गैस एजेंसियां हैं और प्रत्येक को लक्ष्य दिया गया था। बताया कि 85 फीसदी से अधिक लाभार्थियों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन बांटे जा चुके हैं। बताया कि सूची में दर्ज ऐसे लोग ही इस लाभ से वंचित रहे जो या तो स्थान बदल लिए या फिर वह संबंधित दस्तावेज नहीं दे सके।
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