{"_id":"5c9facfebdec22144424828d","slug":"201553968382-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साथ दो परिवारों की चार उठी अर्थियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साथ दो परिवारों की चार उठी अर्थियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवती/ बलिया। रेवती थाना क्षेत्र के चौबे छपरा गांव में एक परिवार की तीन तथा रेवती में भी गम का माहौल रहा। क्योंकि चौबे छपरा की सीमा की मां प्रभावती देवी रेवती की अर्थी उठी।
रेवती थाना क्षेत्र के चौबे छपरा गांव निवासी वीरेंद्र सिंह के घर शुक्रवार की रात अचानक शॉर्ट सर्किट से निकली आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जिसमें बहु सीमा देवी पत्नी मनबोध कुमार सिंह, काजल पत्नी मनोज कुमार सिंह तथा पोता राजबीर पुत्र मनबोध सिंह गंभीर रूप से झुलस गए। इन्हें बचाने में ससुर वीरेंद्र सिंह व उनका पुत्र रंजीत कुमार सिंह आंशिक रूप से झुलस गए। वहीं सास मीरा देवी पत्नी वीरेंद्र सिंह भागदौड़ में गिरने से चुटहिल हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी झुलसे लोगों को सीएचसी रेवती पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने काजल को मृत घोषित कर दिया था। जबकि सीमा देवी व उनके पुत्र राजवीर जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मां-बेटे ने दम तोड़ दिया। सीमा की मां प्रभावती देवी पत्नी स्व. रामा राय अपनी पुत्री को देखने जिला चिकित्सालय पहुंची, जहां बेटी का झुलसा शव देख अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। इस प्रकार मां, बेटी व पोता तथा छोटी बहू की मौत हो गई। एक साथ दो परिवारों से शनिवार को चार लोगों की अर्थिया उठता तथा चीता पर देख मौजूद सबकी आंखें नम हो गई। ग्रामीणों की माने तो बैरिया थाना क्षेत्र के करनछपरा निवासी मृत सीमा की शादी करीब एक दशक पूर्व रेवती थाना क्षेत्र के चौबेछपरा निवासी मनबोध सिंह के साथ हुई थी। जिनसे सात वर्षीय राजवीर पुत्र था। लेकिन ऊपर वाले ने मां-बेटे की अर्थी एक साथ उठा दिया। यह किसी को पता नहीं था कि मां-बेटे की साथ मौत होगी। उधर, रेवती कस्बा निवासी मृत काजल की शादी पांच वर्ष पूर्व चौबेछपरा निवासी मनोज सिंह के साथ हुई थी। इनकी कोई संतान नहीं थी। जबकि रंजीत सिंह व संजीत सिंह की अभी शादी नहीं हुई है। बिजली की शार्ट-सर्किट से एक साथ तीन लोगों की जनाजा निकला। समाचार लिखे जाने तक कोई तहरीर नहीं दिया गया था, बल्कि दोनों मायकों वालों की उपस्थिति में पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद चारों का अंतिम संस्कार देर शाम किया गया।
विज्ञापन
रेवती थाना क्षेत्र के चौबे छपरा गांव निवासी वीरेंद्र सिंह के घर शुक्रवार की रात अचानक शॉर्ट सर्किट से निकली आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जिसमें बहु सीमा देवी पत्नी मनबोध कुमार सिंह, काजल पत्नी मनोज कुमार सिंह तथा पोता राजबीर पुत्र मनबोध सिंह गंभीर रूप से झुलस गए। इन्हें बचाने में ससुर वीरेंद्र सिंह व उनका पुत्र रंजीत कुमार सिंह आंशिक रूप से झुलस गए। वहीं सास मीरा देवी पत्नी वीरेंद्र सिंह भागदौड़ में गिरने से चुटहिल हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी झुलसे लोगों को सीएचसी रेवती पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने काजल को मृत घोषित कर दिया था। जबकि सीमा देवी व उनके पुत्र राजवीर जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मां-बेटे ने दम तोड़ दिया। सीमा की मां प्रभावती देवी पत्नी स्व. रामा राय अपनी पुत्री को देखने जिला चिकित्सालय पहुंची, जहां बेटी का झुलसा शव देख अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। इस प्रकार मां, बेटी व पोता तथा छोटी बहू की मौत हो गई। एक साथ दो परिवारों से शनिवार को चार लोगों की अर्थिया उठता तथा चीता पर देख मौजूद सबकी आंखें नम हो गई। ग्रामीणों की माने तो बैरिया थाना क्षेत्र के करनछपरा निवासी मृत सीमा की शादी करीब एक दशक पूर्व रेवती थाना क्षेत्र के चौबेछपरा निवासी मनबोध सिंह के साथ हुई थी। जिनसे सात वर्षीय राजवीर पुत्र था। लेकिन ऊपर वाले ने मां-बेटे की अर्थी एक साथ उठा दिया। यह किसी को पता नहीं था कि मां-बेटे की साथ मौत होगी। उधर, रेवती कस्बा निवासी मृत काजल की शादी पांच वर्ष पूर्व चौबेछपरा निवासी मनोज सिंह के साथ हुई थी। इनकी कोई संतान नहीं थी। जबकि रंजीत सिंह व संजीत सिंह की अभी शादी नहीं हुई है। बिजली की शार्ट-सर्किट से एक साथ तीन लोगों की जनाजा निकला। समाचार लिखे जाने तक कोई तहरीर नहीं दिया गया था, बल्कि दोनों मायकों वालों की उपस्थिति में पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद चारों का अंतिम संस्कार देर शाम किया गया।
विज्ञापन