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अनिश्चितकाल के लिए कार्य से विरत रहने का निर्णय
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:31 PM IST
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बलिया। उप जिलाधिकारी द्वारा मंगलवार को तहसील बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार को लेकर अनिश्चितकालीन कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया है।
बैठक को संबोधित करते हुए तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमर बहादुर सिंह ने अधिवक्ताओं के साथ मंगलवार को उप जिलाधिकारी द्वारा जानबूझकर चेंबर में बैठे अधिवक्ताओं को अपमानित किया। हम लोग इन कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और संघर्ष समिति द्वारा निर्णय लिया जाता है कि जब तक उप जिलाधिकारी का रसड़ा से स्थानांतरण यहां से नहीं हो जाता है, अधिवक्तागण न्याय हित कार्य से विरत रहेंगे और उप जिलाधिकारी का विरोध जारी रहेगा। बैठक में विपिनचंद श्रीवास्तव शैलेश सिंह, जनार्दन सिंह, मणिन्द्रकांत, ईनल सिंह तिवारी, रविकांत श्रीवास्तव, शिशिर श्रीवास्तव, राजीव सिंह, चित्रसेन चौबे, वीरेंद्र राम, कौशल तिवारी, कमलेश तिवारी अधिवक्ताओं ने पुरजोर तरीके से विरोध करने का निर्णय लिया। बैठक का संचालन रमेश त्रिपाठी ने किया। वहीं दूसरी ओर इस बारे मेें पूछे जाने पर रसड़ा एसडीएम बाबूलाल का कहना है कि अधिवक्ताओं द्वारा उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने किसी के साथ दुव्यर्वहार नहीं किया।
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बैठक को संबोधित करते हुए तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमर बहादुर सिंह ने अधिवक्ताओं के साथ मंगलवार को उप जिलाधिकारी द्वारा जानबूझकर चेंबर में बैठे अधिवक्ताओं को अपमानित किया। हम लोग इन कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और संघर्ष समिति द्वारा निर्णय लिया जाता है कि जब तक उप जिलाधिकारी का रसड़ा से स्थानांतरण यहां से नहीं हो जाता है, अधिवक्तागण न्याय हित कार्य से विरत रहेंगे और उप जिलाधिकारी का विरोध जारी रहेगा। बैठक में विपिनचंद श्रीवास्तव शैलेश सिंह, जनार्दन सिंह, मणिन्द्रकांत, ईनल सिंह तिवारी, रविकांत श्रीवास्तव, शिशिर श्रीवास्तव, राजीव सिंह, चित्रसेन चौबे, वीरेंद्र राम, कौशल तिवारी, कमलेश तिवारी अधिवक्ताओं ने पुरजोर तरीके से विरोध करने का निर्णय लिया। बैठक का संचालन रमेश त्रिपाठी ने किया। वहीं दूसरी ओर इस बारे मेें पूछे जाने पर रसड़ा एसडीएम बाबूलाल का कहना है कि अधिवक्ताओं द्वारा उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने किसी के साथ दुव्यर्वहार नहीं किया।
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