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सुंदरकांड के साथ हुआ भगवान परराम का पूजन-अर्चन
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रतसर। क्षेत्र के जनऊपुर गांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंगलवार को परशुराम जयंती पर भगवान परशुराम की विशेष पूजा अर्चना की गई। सुबह मंदिर परिसर में देवी देवताओं के आह्वान के साथ पूजन किया गया। सुंदरकांड का पाठ हुआ। हवन के बाद श्रद्धालुओं ने धर्म पताकाओं के साथ आकर्षक झांकियों से सुसज्जित भव्य शोभायात्रा निकाली।
इस दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में शिक्षाविद पं श्रीकांत पांडेय ने कहा कि समाज में ब्राह्मण का एक अलग सम्मान है, इनकी पहचान भगवान परशुराम द्वारा स्थापित आदर्शों से है। इसे धुमिल न होने दें ,पाश्चात्य संस्कृति के मोह से न बंधे। उन्होंने भारतीय संस्कृति के आधार पर जीवन जीने पर बल दिया। पं सक्षम पांडेय ने कहा कि हमेशा से संपूर्ण समाज का प्रतिनिधित्व ब्राह्मण समाज ने ही किया है, कहा कि आज हम सभी को आत्म अवलोकन करने की आवश्यकता है। जनऊ बाबा साहित्यिक संस्था निर्झर के संयोजक पं. धनेश शास्त्री ने कहा कि हम सब भगवान परशुराम के वंशज हैं।
परशुराम जयंती मनाना तभी सार्थक होगा जब भगवान परशुराम के पद चिन्हों पर चलकर उनके आदर्शों को आत्मसात किया जाए। इस अवसर पर अमृत, शुभम, नवनीत, राज, मोना, विशाल, अभिषेक, निरंजन, अमन शुक्ला, रितेश मिश्रा, अभिजीत, सुधांशु, कौशल, बब्लू ,आशुतोष उपाध्याय, अक्षय मिश्रा, अंकित पाण्डेय, सुशील चौबे, अवधेश चौबे, सुनीत एवं सत्यम मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पं प्रेमनारायण पाण्डेय एवं संचालन व्यास पं. मुकेश गर्ग ने किया।
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इस दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में शिक्षाविद पं श्रीकांत पांडेय ने कहा कि समाज में ब्राह्मण का एक अलग सम्मान है, इनकी पहचान भगवान परशुराम द्वारा स्थापित आदर्शों से है। इसे धुमिल न होने दें ,पाश्चात्य संस्कृति के मोह से न बंधे। उन्होंने भारतीय संस्कृति के आधार पर जीवन जीने पर बल दिया। पं सक्षम पांडेय ने कहा कि हमेशा से संपूर्ण समाज का प्रतिनिधित्व ब्राह्मण समाज ने ही किया है, कहा कि आज हम सभी को आत्म अवलोकन करने की आवश्यकता है। जनऊ बाबा साहित्यिक संस्था निर्झर के संयोजक पं. धनेश शास्त्री ने कहा कि हम सब भगवान परशुराम के वंशज हैं।
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परशुराम जयंती मनाना तभी सार्थक होगा जब भगवान परशुराम के पद चिन्हों पर चलकर उनके आदर्शों को आत्मसात किया जाए। इस अवसर पर अमृत, शुभम, नवनीत, राज, मोना, विशाल, अभिषेक, निरंजन, अमन शुक्ला, रितेश मिश्रा, अभिजीत, सुधांशु, कौशल, बब्लू ,आशुतोष उपाध्याय, अक्षय मिश्रा, अंकित पाण्डेय, सुशील चौबे, अवधेश चौबे, सुनीत एवं सत्यम मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पं प्रेमनारायण पाण्डेय एवं संचालन व्यास पं. मुकेश गर्ग ने किया।
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