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सफाई के साथ अब गांव के छुट्टे पशुओं को पकड़ने का काम करेंगे सफाईकर्मी
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हनुमानगंज। छुट्टे पशुओं पर लगाम कसने के लिए हनुमानगंज ब्लाक स्तर पर एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। इस संबंध में अमर उजाला की खबर ‘किसानों के लिए मुसीबत बने छुट्टा पशु ’ जो छह फरवरी के अंक में प्रकाशित किया गया पर कार्रवाई के लिए बीडीओ राजेश यादव की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक बुला ली गई। इस बैठक में ब्लाक के सभी गांवों के सफाईकर्मियों को जिम्मेदारी दी गई कि वह साफ-सफाई करने के साथ छुट्टा पशुओं को पकड़ने का काम भी करेंगे।
बीडीओ के मुताबिक जब तक कांजी हाउस का निर्माण नहीं होता, तब तक ग्राम प्रधान और सचिव के सहयोग से छुट्टा पशुओं को गांव में किसी सुनिश्चित स्थान पर रखा जाएगा। इस पहल से निश्चित तौर पर जहां किसानों को लाभ होगा, वहीं सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। बीडीओ ने बताया कि क्षेत्र में किसानों की फसलों के भारी नुकसान को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
प्रदेश में योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद छुट्टे पशुओं पर लगाम कसने के लिए सख्त निर्देश दिया था। हालांकि इस ओर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इस पर जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए नगर पालिका तथा नगर पंचायत द्वारा अभियान चलाकर बड़े पैमाने में छुट्टे पशुओं को धरपकड़ करने का काम किया था। कुछ दिन बाद ही अधिकारी इस निर्देश पर उदासीनता बरतने लगे थे। लेकिन अमर उजाला ने एक बार फिर से जिला प्रशासन को जगाने का काम किया है। इसके फलस्वरूप हनुमानगंज में एक पहल देखी गई जिसमें एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इसमें गांव के जिन सफाईकर्मियों के कंधों पर अब तक सिर्फ साफ-सफाई की जिम्मेदारी थी, उन्हें अब गांव की सफाई करने के अलावा छुट्टा पशुओं को भी पकड़ने का काम सौंपा गया है। इस संदर्भ बीडीओ राजेश यादव ने बताया कि फिलहाल कांजी हाऊस की कमी है लेकिन निर्माण होने तक पकड़े गए सारे छुट्टा पशु गांव के ग्राम प्रधान व सचिव के जिम्मे रहेंगे।
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बीडीओ के मुताबिक जब तक कांजी हाउस का निर्माण नहीं होता, तब तक ग्राम प्रधान और सचिव के सहयोग से छुट्टा पशुओं को गांव में किसी सुनिश्चित स्थान पर रखा जाएगा। इस पहल से निश्चित तौर पर जहां किसानों को लाभ होगा, वहीं सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। बीडीओ ने बताया कि क्षेत्र में किसानों की फसलों के भारी नुकसान को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
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प्रदेश में योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद छुट्टे पशुओं पर लगाम कसने के लिए सख्त निर्देश दिया था। हालांकि इस ओर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इस पर जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए नगर पालिका तथा नगर पंचायत द्वारा अभियान चलाकर बड़े पैमाने में छुट्टे पशुओं को धरपकड़ करने का काम किया था। कुछ दिन बाद ही अधिकारी इस निर्देश पर उदासीनता बरतने लगे थे। लेकिन अमर उजाला ने एक बार फिर से जिला प्रशासन को जगाने का काम किया है। इसके फलस्वरूप हनुमानगंज में एक पहल देखी गई जिसमें एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इसमें गांव के जिन सफाईकर्मियों के कंधों पर अब तक सिर्फ साफ-सफाई की जिम्मेदारी थी, उन्हें अब गांव की सफाई करने के अलावा छुट्टा पशुओं को भी पकड़ने का काम सौंपा गया है। इस संदर्भ बीडीओ राजेश यादव ने बताया कि फिलहाल कांजी हाऊस की कमी है लेकिन निर्माण होने तक पकड़े गए सारे छुट्टा पशु गांव के ग्राम प्रधान व सचिव के जिम्मे रहेंगे।
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