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बाइक जुलूस निकाल कर शिक्षक कर्मचारियों ने मांगी पुरानी पेंशन
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बलिया। केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ पुरानी पेंशन की मांग को लेकर जिले के शिक्षक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के नेताओं ने बाइक जुलूस निकाला। इस दौरान केंद्र सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार को कर्मचारी हितों से कोई वास्ता नहीं है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को अपने जनप्रतिनिधियों को पेंशन की चिंता है। एक बार चुने जाने पर उन्हें पेंशन लागू कर दिया जाता है। जबकि 36 साल की सेवा करने वाले शिक्षक और कर्मचारियों को पेंशन से वंचित करने का कुचक्र रच दिया जाता है। ऐसी सरकारों का कभी भला होने वाला नहीं है। नगर के टीडी कालेज चौराहा, होते हुए कलेक्ट्रेट में धरना स्थल पर बाइक रैली धरना सभा के रुप में समाप्त हुई। इस मौके पर वेदप्रकाश पांडेय, जितेंद्र सिंह, बृजेश कुमार सिंह, सुशील त्रिपाठी, तुषारकान्त राय, संत सिंह, अनिल सिंह, केके पांडेय, भोला सिंह, मो. मतीउर्रहमान, पंकज राय, श्याम नारायण यादव, दिलीप सिंह व शैलेंद्र यादव आदि रहे।
संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के तत्वाधान में पुरानी पेंशन बहाली के लिए जेल भरो आंदोलन किया। एस फोर के अध्यक्ष रामनाथ पासवान व संयोजक रफीउल्लाह के नेतृत्व में कर्मियों ने गिरफ्तारी दी। कर्मचारियों ने कहा कि कर्मचारी शिक्षक अधिकारी राज्य के जनसेवक के रुप में कार्य करते हैं और राज्य के सांसद व विधायक भी जनसेवक हैं, फिर दोनों के पेंशन में इतना अंतर क्यों है। सिटी मजिस्ट्रेट ने शिक्षक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया और निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। इस मौके पर सालिक प्रसाद सिंह, चंद्रदेव मिश्र, नागेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, राजेश कुमार रावत, संतोष तिवारी, संत सिंह, अजीत प्रताप यादव, नंदलाल बौद्घ आदि रहे।
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कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार को कर्मचारी हितों से कोई वास्ता नहीं है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को अपने जनप्रतिनिधियों को पेंशन की चिंता है। एक बार चुने जाने पर उन्हें पेंशन लागू कर दिया जाता है। जबकि 36 साल की सेवा करने वाले शिक्षक और कर्मचारियों को पेंशन से वंचित करने का कुचक्र रच दिया जाता है। ऐसी सरकारों का कभी भला होने वाला नहीं है। नगर के टीडी कालेज चौराहा, होते हुए कलेक्ट्रेट में धरना स्थल पर बाइक रैली धरना सभा के रुप में समाप्त हुई। इस मौके पर वेदप्रकाश पांडेय, जितेंद्र सिंह, बृजेश कुमार सिंह, सुशील त्रिपाठी, तुषारकान्त राय, संत सिंह, अनिल सिंह, केके पांडेय, भोला सिंह, मो. मतीउर्रहमान, पंकज राय, श्याम नारायण यादव, दिलीप सिंह व शैलेंद्र यादव आदि रहे।
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संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के तत्वाधान में पुरानी पेंशन बहाली के लिए जेल भरो आंदोलन किया। एस फोर के अध्यक्ष रामनाथ पासवान व संयोजक रफीउल्लाह के नेतृत्व में कर्मियों ने गिरफ्तारी दी। कर्मचारियों ने कहा कि कर्मचारी शिक्षक अधिकारी राज्य के जनसेवक के रुप में कार्य करते हैं और राज्य के सांसद व विधायक भी जनसेवक हैं, फिर दोनों के पेंशन में इतना अंतर क्यों है। सिटी मजिस्ट्रेट ने शिक्षक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया और निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। इस मौके पर सालिक प्रसाद सिंह, चंद्रदेव मिश्र, नागेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, राजेश कुमार रावत, संतोष तिवारी, संत सिंह, अजीत प्रताप यादव, नंदलाल बौद्घ आदि रहे।
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